By अभिनय आकाश | Aug 25, 2026
तमिलनाडु विधानसभा ने मंगलवार को एक प्रस्ताव पास किया। इसमें केंद्र सरकार से मांग की गई है कि 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त सरकारी शिक्षकों को नौकरी जारी रखने के लिए ज़रूरी 'टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट' (TET) पास करने की शर्त से पूरी तरह और हमेशा के लिए छूट दी जाए। स्कूल शिक्षा मंत्री ए. राजमोहन, जिन्होंने यह प्रस्ताव पेश किया, ने कहा कि TET की शर्त से राज्य भर के लगभग 3,28,701 सरकारी स्कूल शिक्षक प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि अगर ये शिक्षक परीक्षा पास नहीं करते हैं, तो उन्हें अपनी नौकरी से मिलने वाले फ़ायदे या अपनी नौकरी भी गंवानी पड़ सकती है। राजमोहन ने कहा कि इनमें से कई शिक्षकों ने लगातार 15 से 20 साल तक सेवा की है और अब उनसे नई परीक्षा लेने को उनकी नौकरी की सुरक्षा और आजीविका के लिए खतरा माना जा रहा है।
इस प्रस्ताव में शिक्षकों की आजीविका और सेवा से जुड़े लाभों की सुरक्षा के लिए RTE एक्ट, 2009 में संशोधन करने की भी मांग की गई। DMK सदस्य और राज्य के पूर्व मंत्री EV वेलु ने कहा कि पिछली DMK सरकार ने यह मुद्दा सुप्रीम कोर्ट के सामने उठाया था। केंद्र स्तर पर कानून बनाने की मौजूदा सरकार की कोशिशों का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि अगर शिक्षा का विषय 'राज्य सूची' (State List) में होता, तो आज की ज़्यादातर समस्याएं पैदा ही नहीं होतीं।