Bhubaneswar में भारतीय Sprinters को बड़ा झटका, Animesh Kujur और Gurindervir Singh घरेलू मैदान पर हुए पस्त

By Ankit Jaiswal | Aug 23, 2026

भुवनेश्वर में शनिवार को भारतीय स्प्रिंटरों के लिए घरेलू मैदान पर दौड़ उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। कलिंगा स्टेडियम में आयोजित महाद्वीपीय दौड़ प्रतियोगिता में भारत के अनिमेष कुजूर और गुरिंदरवीर सिंह 100 मीटर दौड़ में क्रमशः छठे और आठवें स्थान पर रहे। अनिमेष ने 10.32 सेकंड और गुरिंदरवीर ने 10.39 सेकंड का समय दर्ज किया।

दौड़ में दक्षिण अफ्रीका के 21 वर्षीय त्शेपो जेसन तायांतिनी ने 10.11 सेकंड के समय के साथ पहला स्थान हासिल किया। खास बात यह है कि प्रतियोगिता से पहले उनका सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत समय 10.20 सेकंड था, लेकिन भुवनेश्वर में उन्होंने अपने प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार किया।

अनिमेष और गुरिंदरवीर हाल ही में ग्लासगो में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में भारत की फर्राटा दौड़ की उम्मीदों का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। हालांकि, दोनों अपने व्यक्तिगत मुकाबलों के फाइनल तक नहीं पहुंच सके थे। गुरिंदरवीर 100 मीटर की प्रारंभिक दौड़ में 10.39 सेकंड के समय के साथ बाहर हो गए थे। वहीं अनिमेष ने 200 मीटर में सेमीफाइनल तक जगह बनाई, लेकिन वहां पहली लेन मिलने और शुरुआती चरण में बेहतर गति नहीं बना पाने के कारण 20.65 सेकंड के समय के साथ फाइनल में नहीं पहुंच सके।

अनिमेष के प्रशिक्षक मार्टिन ओवेन्स ने भी माना था कि पहली लेन से बचने के लिए उन्हें शुरुआती दौड़ में बेहतर समय निकालना चाहिए था। हालांकि, भुवनेश्वर में परिस्थितियां उनके लिए अनुकूल थीं। मौसम सुहावना था और हल्की बारिश के बाद तापमान भी नियंत्रित रहा। इसके बावजूद दोनों भारतीय धावक विदेशी खिलाड़ियों को चुनौती नहीं दे सके।

अनिमेष ने बताया कि दौड़ की शुरुआत में त्वरण के दौरान उनका संतुलन थोड़ा बिगड़ा, जिससे वह शुरुआती चरण में पीछे हो गए। बाद में उन्होंने अपनी तेज अंतिम गति से अंतर कम करने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। गुरिंदरवीर ने भी माना कि शुरुआत अच्छी रही, लेकिन गीली पटरियों पर फिसलने की आशंका उनके दिमाग में बनी रही।

गौरतलब है कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल पदक जीतना नहीं, बल्कि एशियाई खेलों से पहले भारतीय धावकों को उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा उपलब्ध कराना भी था। प्रतियोगिता में शामिल खिलाड़ियों में अली अल बलूशी जैसे धावक भी थे, जो इस सत्र में एशिया के तेज धावकों में शामिल हैं।

अनिमेष ने कहा कि उन्हें ऐसी प्रतियोगिताओं में दौड़ना पसंद है, क्योंकि आम तौर पर भारतीय खिलाड़ियों को तेज धावकों से मुकाबला करने के लिए विदेश जाना पड़ता है। उनके प्रशिक्षक मार्टिन ओवेन्स ने भी कहा कि भारतीय खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के मुकाबले अधिक उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं की जरूरत है।

बता दें कि अनिमेष और गुरिंदरवीर अब एशियाई खेलों की तैयारी के लिए अलग-अलग प्रशिक्षण शिविरों में जाएंगे। इनमें एक शिविर भारत और दूसरा जापान में होगा। भुवनेश्वर की दौड़ ने उन्हें घरेलू मैदान पर ही यह समझा दिया है कि एशियाई स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए उन्हें अपनी गति और निरंतरता में अभी और सुधार करना है। यही हार आगामी बड़ी प्रतियोगिता से पहले उनके लिए जरूरी चेतावनी साबित हो सकती है।

प्रमुख खबरें

IDBI Bank में हिस्सेदारी बिक्री Modi Govt का 13वां रणनीतिक विनिवेश होगा

Hyundai Motor India पुणे संयंत्र में करेगी ₹4,000 करोड़ का नया निवेश

ये संयोग या प्रयोग! इधर ट्रंप ने पुतिन से हाथ मिलाया, उधर यूक्रेन में स्टारलिंक की रफ्तार पर मस्क ने ताला लगाया

IDBI Bank रणनीतिक बिक्री से 8 साल बाद विनिवेश लक्ष्य पार करेगी सरकार