By अभिनय आकाश | Jul 17, 2026
अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने गुरुवार (स्थानीय समय) को कहा कि उसने ईरान के ठिकानों पर फिर से सैन्य हमले किए हैं। यह ईरान के खिलाफ अमेरिकी ऑपरेशन की लगातार छठी रात थी। एक बयान में CENTCOM ने कहा कि आज रात 9:40 बजे (ET) U.S. सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के खिलाफ हमलों का अपना नया और बड़ा दौर पूरा किया। बयान के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने फाइटर जेट, एरियल ड्रोन और युद्धपोतों का इस्तेमाल करते हुए ईरान के दर्जनों सैन्य ठिकानों" पर सटीक निशाना साधने वाले हथियार (precision-guided munitions) दागे। इन ठिकानों में तटीय निगरानी और एयर डिफेंस साइटें, सैन्य लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर और समुद्री क्षमताएं शामिल थीं। CENTCOM ने कहा कि यह ऑपरेशन "कमांडर-इन-चीफ के निर्देश पर चलाया गया और इसका मकसद ईरान की सैन्य क्षमताओं को और कमजोर करना तथा कमर्शियल जहाजों पर हालिया हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराना था। कमांड ने कहा कि 50,000 से ज़्यादा अमेरिकी सैनिक मिडिल ईस्ट में तैनात हैं और वे सतर्क, घातक और तैयार हैं।
अमेरिकी चुनावों की अखंडता की रक्षा और उन्हें प्रभावित करने की विदेशी कोशिशों पर देश को दिए गए प्राइम-टाइम संबोधन के दौरान, ट्रंप ने ईरान समेत विदेशों में चल रहे अमेरिकी सैन्य अभियानों का भी संक्षेप में ज़िक्र किया। राष्ट्रपति ने कहा कि उनके प्रशासन ने अमेरिकी सेना को फिर से खड़ा किया है और इसे दुनिया की सबसे ताकतवर सेना बना दिया है। उन्होंने कहा कि हालांकि वे इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहते थे, लेकिन मौजूदा हालात ने सैन्य कार्रवाई को ज़रूरी बना दिया है।
गुरुवार को ईरान की सेना के एक सीनियर प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि अगर ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला होता है, तो तेहरान पूरे पश्चिम एशिया में अमेरिकी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना सकता है। साथ ही, उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में असुरक्षा की मुख्य वजह अमेरिकी सेना की मौजूदगी है। ईरान के सरकारी मीडिया संस्थान 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान ब्रॉडकास्टिंग' (IRIB) की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की सेना के सीनियर प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अबोलफ़ज़ल शेकारची ने कहा कि अमेरिका और इज़राइल को इस क्षेत्र में मौजूद रहने का कोई अधिकार नहीं है। IRIB पर प्रसारित एक टीवी इंटरव्यू में शेकारची ने कहा अमेरिका और नकली ज़ायोनी सरकार को इस क्षेत्र में रहने का कोई अधिकार नहीं है।
उन्होंने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान के नियंत्रण में सुरक्षित है और इस रणनीतिक जलमार्ग में बढ़ते तनाव के लिए अमेरिकी सेना की मौजूदगी को ज़िम्मेदार ठहराया।