By अभिनय आकाश | Dec 01, 2025
सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के अनुसार वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण के लिए 'छह महीने की समय सीमा' बढ़ाने की मांग वाली याचिकाओं पर विचार करने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने सुझाव दिया कि आवेदक वक्फ न्यायाधिकरण के समक्ष 2025 अधिनियम के अनुसार आवेदन दायर करके उक्त राहत प्राप्त करें। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि चूँकि आवेदकों के लिए वक्फ न्यायाधिकरण के समक्ष पहले से ही एक उपाय उपलब्ध है, इसलिए वे 6 दिसंबर तक इसका अनुरोध कर सकते हैं, जिसके बारे में हमें बताया गया है कि यह संपत्ति के पंजीकरण की अंतिम तिथि है।
यदि समय सीमा (पोर्टल में) रुक जाती है, तो आपको ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। यदि ट्रिब्यूनल आपको अनुमति देता है, तो आपके छह महीने गिने जाएँगे और आपके आवेदन पर विचार किया जाएगा। आपको अनुमति की आवश्यकता नहीं है। यदि कोई कठिनाई आती है, तो आप हमेशा हमारे पास आवेदन कर सकते हैं