बच्चों को Online खतरों से बचाने के लिए Malaysia का सख्त कानून, 16 साल से कम उम्र के लिए Social Media बैन

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 01, 2026

कुआलालंपुर। मलेशिया ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट रखने पर रोक लगाने वाले नियमों को सोमवार से लागू कर दिया। इसके साथ ही मलेशिया सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने वाले बच्चों के लिए ऑनलाइन सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के वैश्विक प्रयास में शामिल हो गया है। इन नियमों के तहत सोशल मीडिया मंचों को आयु सत्यापन प्रणाली लागू करनी होगी और 16 वर्ष से कम उम्र के सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को ‘अकाउंट’ बनाने से रोकना होगा।

इसे भी पढ़ें: 'मेहंदी का रंग भी नहीं उतरा था और उजड़ गया सुहाग'... शादी के चंद घंटों बाद दूल्हे की दर्दनाक मौत, लाश के साथ 5 घंटे तक तड़पती रही दुल्हन!

सरकार ने कहा कि इन उपायों का उद्देश्य बच्चों को हानिकारक सामग्री, ऑनलाइन उत्पीड़न और मंचों की उन विशेषताओं से बचाना है जो अत्यधिक इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने के लिए बनाई गई हैं। ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील और इंडोनेशिया सहित अन्य देशों ने भी बच्चों की सोशल मीडिया तक पहुंच को सीमित करने के लिए आयु आधारित प्रतिबंध या शर्तें लागू की हैं या उनकी घोषणा की है। ब्रिटेन, फ्रांस, स्पेन, डेनमार्क, थाईलैंड और दक्षिण कोरिया जैसे देश भी इसी तरह के उपायों का अध्ययन कर रहे हैं या उन्हें विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: तीसरे विश्वयुद्ध' का काउंटडाउन शुरू? अमेरिका ने ईरान के रडार और ड्रोन ठिकानों को बमों से उड़ाया, दहल उठा कुवैत, आसमान से बरसीं मिसाइलें!

मलेशिया के संचार एवं मल्टीमीडिया आयोग ने कहा कि इन नियमों का उद्देश्य बच्चों को इंटरनेट या डिजिटल प्रौद्योगिकी तक पहुंच बनाने से रोकना नहीं है, बल्कि इनके जरिये सेवा प्रदाताओं से ऑनलाइन खतरों से निपटने और आयु के अनुरूप सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की अपेक्षा की गई है। प्रौद्योगिकी कंपनियों ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि वे मलेशिया की नयी अनिवार्यताओं का अनुपालन कैसे करेंगी।

मलेशियाई नियामक ने कहा कि आयु सत्यापन प्रणाली को लागू करने के लिए मंचों को कुछ समय की मोहलत दी जाएगी। दक्षिणपूर्व एशिया के लिए ‘मेटा’ की सार्वजनिक नीति निदेशक क्लारा कोह ने अप्रैल में चेतावनी दी थी कि मलेशिया का 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों पर पूर्ण प्रतिबंध उल्टा पड़ सकता है और इसके कारण किशोर सुरक्षित ऐप से दूर होकर इंटरनेट के अनियंत्रित क्षेत्रों की ओर जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ‘मेटा’ ने 18 साल से कम उम्र के लोगों के लिए ‘टीन अकाउंट’ (किशोरों के लिए खाते) शुरू किए हैं जो संपर्क, ‘स्क्रीन’ के सामने बिताए जाने वाले समय और अनुचित सामग्री तक पहुंच को सीमित करते हैं।

प्रमुख खबरें

Global Day of Parents 2026: माता-पिता हैं वर्तमान की शक्ति और भविष्य की प्रेरणा

Jammu-Kashmir से आईं ये खबरें चिंता बढ़ाने वाली हैं! घुसपैठ, अवैध संचार नेटवर्क और ISI की नई साजिशों का खुलासा, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

Sri Lanka में त्योहार का जश्न मातम में बदला, नशे में धुत Driver ने 6 लोगों को रौंदा

Surya Chauhan Murder Case में Asad Encounter के बाद अब उसके घर पर Bulldozer Action की तैयारी