Malegaon Blast Case: मालेगांव ब्लास्ट केस में पीड़ितों ने किया हाई कोर्ट का रुख, प्रज्ञा ठाकुर, कर्नल पुरोहित और अन्य को बरी करने के फैसले को दी चुनौती

By अभिनय आकाश | Sep 09, 2025

2008 के मालेगांव विस्फोट के पीड़ितों के परिवार के सदस्यों ने विशेष एनआईए अदालत के उस फैसले को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है जिसमें प्रज्ञा सिंह ठाकुर और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित सहित सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया था। 29 सितंबर, 2008 को महाराष्ट्र के नासिक जिले के मालेगांव शहर में एक मस्जिद के पास हुए इस विस्फोट में छह लोगों की मौत हो गई थी और 101 अन्य घायल हो गए थे। बॉम्बे हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई 15 सितंबर, 2025 को न्यायमूर्ति ए.एस. गडकरी और न्यायमूर्ति आर.आर. भोसले की खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध की है।

इसे भी पढ़ें: Bihar SIR पर SC का बड़ा आदेश, आधार को 12वां दस्तावेज़ माना जाएगा

अपील में आरोप लगाया गया है कि जाँच में समझौता किया गया और महत्वपूर्ण सबूतों को नज़रअंदाज़ किया गया या उनके साथ गलत व्यवहार किया गया। अपनी अपील में, छह मृतकों के परिजनों ने संहिता से अनुरोध किया है कि बरी किए गए आरोपियों सहित सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए जाएँ। इस मामले में अभियोजन पक्ष, राष्ट्रीय जाँच एजेंसी, ने अभी तक अपील दायर नहीं की है। 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले को 2011 में महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) से एनआईए को हस्तांतरित कर दिया गया था। 17 साल के लंबे इंतज़ार और सैकड़ों गवाहों की जाँच के बाद, एनआईए की विशेष अदालत ने गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम, शस्त्र अधिनियम और अन्य सभी आरोपों के तहत सभी सात आरोपियों को बरी कर दिया।

प्रमुख खबरें

Russin Oil ज्यादा तेल खरीदने लगा China, India की खरीद पर असर पड़ते देख Modi ने तुरंत निकाला नया रास्ता, Ship to Ship Transfer के जरिये करवा दिया खेल

ट्रंप ने ईरान के साथ टकराव के जल्द खत्म होने का अनुमान लगाया, कहा - हालात बहुत अच्छे से आगे बढ़ रहे हैं

Delhi High Court ने सरकार को DMC में महिला आरक्षण पर शीघ्र विचार करने को कहा

PM की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य Nilesh Shah बोले, मजबूत रहेगी India की Growth