सीबीआई जांच से बचने के लिए धरने पर बैठी हैं ममता बनर्जी: जावड़ेकर

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 04, 2019

कोलकाता। केन्द्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रकाश जावड़ेकर ने सोमवार को दावा किया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सीबीआई जांच से बचने के लिए धरने पर बैठी हैं। चिटफंड घोटाला मामले में कोलकाता पुलिस प्रमुख से पूछताछ करने की सीबीआई की कोशिश के खिलाफ बनर्जी धरने पर बैठीं हैं। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख इस बात पर जोर दे रही हैं कि इससे "संविधान और संघवाद" की भावना प्रभावित हुई है।

राज्य में लगातार नाटकीय घटनाक्रम जारी हैं, जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा प्रमुख अमित शाह के कदमों से उनके अपमान के खिलाफ बनर्जी मेट्रो सिनेमा पर बनाए गए अस्थायी मंच पर रविवार से धरने पर बैठीं। वहीं कुमार से पूछताछ करने पहुंचे सीबीआई दल को हिरासत में लिया जाना भी एक दुर्लभ वाकया है। एक के बाद एक हुई इन घटनाओं से केन्द्र और राज्य सरकार के बीच राजनीति गर्मा गई है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने रविवार को कहा था कि वह सोमवार को बजट पेश होने के दौरान विधानसभा नहीं जाएंगी। उन्होंने राज्य में बन रही स्थिति को ‘आपातकाल’ करार दिया था। जावड़ेकर ने संवाददाता सम्मेलन में बनर्जी पर पलटवार करते हुए कहा, ‘बंगाल में नरेन्द्र मोदी का नहीं बल्कि ममता का आपातकाल है। वह खुद को सीबीआई से बचाने के लिए धरने पर बैठी हैं।’ 

इसे भी पढ़ें : CBI बनाम ममता मामले में मंगलवार को होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री ने दावा कि राज्य में संवैधानिक व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ गई है लेकिन उन्होंने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की कोई मांग नहीं की। जावड़ेकर ने कहा कि हम कहेंगे की राज्य में कानून एवं व्यवस्था और संवैधानिक व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ गई है। भाजपा के राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग करने के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘हम इस पर अभी कुछ नहीं कह सकते।’

प्रमुख खबरें

Pinarayi Vijayan Resignation | केरल में एक युग का अंत! पिनरायी विजयन ने दिया मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा, UDF की प्रचंड जीत से राज्य में सत्ता परिवर्तन

गंगोत्री से गंगासागर तक खिला कमल, बंगाल की जीत पर पीएम मोदी का बदले के बजाय बदलाव का संदेश | PM Narendra Modi Full Speech

UAE Missile Alert: सोमवार को दो बार बजे आपातकालीन सायरन, तनाव के बीच अधिकारी मौन

माकपा ने चुनावी नतीजों को बताया बड़ा झटका, भाजपा की बढ़त को धर्मनिरपेक्षता के लिए चुनौती करार दिया