TMC का 23वां स्थापना दिवस, ममता बनर्जी को पार्टी ने बताया बांग्ला संस्कृति की सच्ची संरक्षक

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 01, 2021

कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस ने शुक्रवार को अपना 23वां स्थापना दिवस मनाया और कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की संस्कृति और मूल्यों की ‘‘सच्ची संरक्षक’’ हैं। विपक्षी भाजपा ने यह कहते हुए तृणमूल के स्थापना दिवस समारोह का मजाक उड़ाया कि यह आखिरी बार है कि सत्ता में रहते हुए ममता बनर्जी की पार्टी जन्मदिवस समारोह मना रही है। राज्य में इस साल अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव हैं। यह चुनाव बेहद अहम होंगे क्योंकि राजनीतिक रूप ध्रुवीकृत इस राज्य में कभी सत्ता में नहीं रही भाजपा ममता बनर्जी को अपदस्थ करने की कोशिश में लगी है जो लगातार दो कार्यकाल से सत्तासीन हैं। तृणमूल कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सुब्रत बख्शी की अगुवाई में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने राज्य मुख्यालयों में पार्टी का ध्वज फहराया और लोगों की सेवा में अथक परिश्रम के लिए कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। 

उन्होंने ट्वीट किया,‘‘ आज तृणमूल कांग्रेस की स्थापना के 23 वर्ष हो गए, मैं एक जनवरी 1998 में शुरू किए गए सफर को पीछे पलट कर देखती हूं। ये वर्ष बेहद संघर्ष भरे रहे लेकिन इस दौरान हम लोगों के लिए संघर्ष की अपनी प्रतिबद्धता पर डटे रहे और अपने उद्देश्यों को हासिल करते रहे।’’ उन्होंने लिखा,‘‘ तृणमूल कांग्रेस के स्थापना दिवस पर मैं अपनी मां-माटी-मानुष का और अपने सभी कार्यकर्ताओं का दिल से आभार व्यक्त करती हूं जो बंगाल को प्रतिदिन बेहतर और मजबूत बनाने में लगातार हमारे संघर्ष में शामिल हैं। तृणमूल परिवार आने वाले वक्त में भी इसी प्रण के साथ आगे बढ़ेगा।’’

वरिष्ठ तृणमूल नेता फिरहाद हकीम ने कहा, ‘‘भाजपा सीधे मुकाबले में चुनाव नहीं जीत सकती। इसलिए उसने सीबीआई, ईडी को खुला छोड़ दिया है और वह हमें दबाने के लिए हमारे नेताओं का पाला बदलवा रही है। लेकिन उससे कुछ नहीं होगा क्योंकि दूसरों पर भीतरघात करने वाले हरा दिये जायेंगे और गद्दार उन्हें नहीं बचा पायेंगे।’’ तृणमूल कांग्रेस का मजाक उड़ाते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा, ‘‘बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सरकार के गिनती के दिन रह गये हैं। यह आखिरी बार है कि वह सत्ता में रहते हुए स्थापना दिवस मना रही है।

उन्होंने कहा कि अगले विधानसभा चुनाव में उसे सत्ता से उखाड़ फेंका जाएगा। फिर कोई भी उसकी तकदीर का अनुमान लगा सकता है। जिलों में तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम किये और पिछले दस साल की उपलब्धियां लोगों के सामने रखी। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल से वाम मोर्चा शासन को उखाड़ फेंकने के उद्देश्य को लेकर बनर्जी ने कांग्रेस से अलग हो कर आज ही के दिन 1998 में तृणमूल कांग्रेस की स्थापना की थी। पार्टी ने मई, 2011 में यह लक्ष्य हासिल किया।

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