By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 25, 2026
मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने रविवार को कहा कि जब तक राज्य में ‘बंदूक संस्कृति’ बनी रहेगी, तब तक स्थायी शांति हासिल नहीं की जा सकती। उन्होंने लोगों से अवैध हथियार सौंपने की अपील भी की। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सिंह ने कांगपोकपी जिले में अभियान निलंबन (एसओओ) समझौते के तहत उग्रवादियों के लिए निर्धारित सीनाई शिविर का दौरा करने के दौरान यह बात कही।
सीनाई शिविर कुकी नेशनल आर्मी (केएनए) और कुकी लिबरेशन आर्मी (केएलए) के लिए निर्धारित शिविर था। दोनों संगठन एसओओ समझौते के हस्ताक्षरकर्ता हैं। बयान में मुख्यमंत्री के दौरे को किसी मौजूदा मुख्यमंत्री का एसओओ के तहत निर्धारित शिविर का पहला दौरा बताया गया है।
शिविर पहुंचने पर सिंह ने परिसर का निरीक्षण किया। सीआरपीएफ और असम राइफल्स के अधिकारियों ने उन्हें अभियान तथा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति की जानकारी दी। वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों और जवानों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने शिविर पर सुरक्षा बलों का नियंत्रण स्थापित करने वाले अभियान में भूमिका के लिए सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन की सराहना की।
उन्होंने कहा कि तलाशी अभियानों के दौरान पर्याप्त सावधानी बरती जानी चाहिए, ताकि निर्दोष नागरिक प्रभावित न हों। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल लोगों के जीवन और संपत्ति की रक्षा के लिए तैनात हैं। सिंह ने जोर देकर कहा कि जब तक बंदूक संस्कृति बनी रहेगी, तब तक मणिपुर न तो प्रगति कर सकता है और न ही स्थायी शांति हासिल कर सकता है।
उन्होंने लोगों से हिंसा छोड़ने, अवैध हथियार सौंपने और राज्य में शांति एवं सद्भाव बहाल करने के लिए मिलकर काम करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने बाद में क्षेत्र के नागरिक समाज संगठनों (सीएसओ) के प्रतिनिधियों और ग्रामीणों से भी बातचीत की।