लोगों को एक दूसरे के खिलाफ खड़ी करने की राजनीति का परिणाम है मणिपुर की स्थिति: सेन

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 30, 2023

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) पोलित ब्यूरो के सदस्य तपन सेन ने रविवार को कहा कि मणिपुर की स्थिति भाजपा की ‘‘लोगों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करने की राजनीति’’ का परिणाम है। सेन ने मणिपुर में हिंसा को काबू करने में कथित रूप से विफल रहने के लिए मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा, ‘‘भारत विविधतापूर्ण देश है जो हमारी ताकत है क्योंकि हम सभी एक हैं। हालांकि, सत्तारूढ़ दल की घटिया राजनीति के कारण मणिपुर में गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है।’’ उन्होंने आशंका व्यक्त की कि देश में अगले साल आम चुनाव से पहले सांप्रदायिक घटनाएं हो सकती हैं। नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन (एनएचपीसी) और चिनाब वैली पावर प्रोजेक्ट्स (सीवीपीपी) के संविदा कर्मियों का अखिल भारतीय सम्मेलन यहां आयोजित किया गया।

मणिपुर संकट के पीछे विदेशी एजेंसियों का हाथ होने का संकेत देने वाली पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे की टिप्पणी की खबरों पर, माकपा नेता ने कहा कि अगर कोई विदेशी हाथ है, तो केंद्र सरकार को जवाब देना चाहिए कि वह वहां क्या कर रही थी। माकपा के वरिष्ठ नेता एवं सीटू की प्रदेश समिति के अध्यक्ष एम वाई तारिगामी ने विभिन्न बिजली परियोजनाओं के संविदा श्रमिकों को नौकरी की गारंटी के मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथ लिया। उन्होंने स्मार्ट मीटर लगाना शुरू करने के लिए जम्मू कश्मीर प्रशासन की भी आलोचना की और कहा, यह बिजली के निजीकरण का सीधा परिणाम है। निजी कंपनियां बिजली दरें बढ़ाने के लिए बाध्य हैं, लेकिन उपभोक्ता भारी भुगतान करने की स्थिति में नहीं हैं, जिससे जम्मू कश्मीर में लगभग हर जगह विरोध शुरू हो गया है।’’ सीटू महासचिव जगदीश शर्मा ने कहा कि सम्मेलन में सर्वसम्मति से बिजली परियोजना श्रमिकों की एक समन्वय समिति बनाने का निर्णय लिया गया, जो तीन महीने में एक बार बैठक करके उनकी मांगों की समीक्षा करेगी और आगे की रणनीति तय करेगी।

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