Manipur violence: कांग्रेस समेत 10 विपक्षी दलों के नेताओं ने प्रधानमंत्री से मुलाकात का आग्रह किया

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 17, 2023

नयी दिल्ली। कांग्रेस समेत 10 विपक्षी दलों के नेताओं ने मणिपुर में हिंसा के मामले पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से आग्रह किया है कि वह अमेरिका के दौरे पर रवाना होने से पहले उन्हें मिलने का समय दें ताकि वे राज्य से जुड़े मुद्दों को उनके समक्ष रख सकें। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश के अनुसार, कांग्रेस, जनता दल यूनाइटेड, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), तृणमल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, शिवसेना (यूबीटी) और रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) की मणिपुर इकाइयों के नेताओं ने 10 जून को ईमेल के माध्यम से पत्र भेजकर और फिर 12 जून को प्रधानमंत्री कार्यालय में पत्र सौंपकर मिलने का समय मांगा है।

इसे भी पढ़ें: महाराष्ट्र की युवती ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, 127 घंटे तक लगातार किया डांस

कांग्रेस मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन के दौरान मणिपुर की इन पार्टियों के नेता भी मौजूद थे। रमेश का कहना है कि अब ये नेता प्रधानमंत्री मोदी से मिलना चाहते हैं और उन्हें समय देना चाहिए। कांग्रेस महासचिव का कहना था, ‘‘यह बिल्कुल साफ है कि राज्य सरकार पूरी तरह विफल है और उससे कोई उम्मीद नहीं है। अब मणिपुर के लोगों को सिर्फ केंद्र और प्रधानमंत्री से उम्मीद है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम प्रधानमंत्री से कहना चाहते हैं कि अटल बिहारी वाजपेयी जी को याद रखिए, इस प्रतिनिधिमंडल से मिलिए और शांति की अपील करिए।’’ रमेश ने आरोप लगाया कि मणिपुर की मौजूदा स्थिति के लिए भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा जिम्मेदार है।

मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह ने कहा, ‘‘हमने ज्ञापन तैयार किया है। हम राजनीति करने के लिए नहीं आए हैं। हम प्रधानमंत्री से सिर्फ यह आग्रह करना चाहते हैं कि पहले मणिपुर में सामान्य स्थिति सुनिश्चित की जाए और फिर दो समुदायों के बीच बातचीत शुरू की जाए।’’

मणिपुर में करीब डेढ़ महीने पहले मेइती और कुकी समुदाय के लोगों के बीच भड़की जातीय हिंसा के बाद से 100 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। मणिपुर के 11 जिलों में कर्फ्यू लागू है, जबकि अफवाहों को रोकने के लिए इंटरनेट सेवाएं निलंबित हैं। गौरतलब है कि मणिपुर में अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में तीन मई को पर्वतीय जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के आयोजन के बाद ये झड़पें शुरू हुई थीं।

प्रमुख खबरें

International Borders of India | 3 सीमाएं, 1 चुनौती: भारत का पूर्वी मोर्चा |Teh Tak Part 5

World Cup में Mohamed Salah का कमाल, 92 साल बाद मिस्र को दिलाई ऐतिहासिक जीत

International Borders of India | क्या Act East Policy पटरी से उतर रही है? |Teh Tak Part 4

International Borders of India | भारत-बांग्लादेश सीमा दुनिया की सबसे जटिल सीमाओं में क्यों है? |Teh Tak Part 3