पंजाब में Stubble Burning से जहरीली हुई दिल्ली की हवा, Manjinder Singh Sirsa का मान सरकार पर आरोप

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 05, 2026

नयी दिल्ली, पांच नवंबर दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पराली जलाने के मुद्दे पर लोगों को गुमराह कर रही है। सिरसा ने आरोप लगाया कि पंजाब में खेतों में पराली जलाने की घटनाओं में तेजी राष्ट्रीय राजधानी की हवा के जहरीली होने की प्रमुख वजह है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यह कहकर गलत जानकारी दी कि उनके राज्य में धान की कटाई अभी शुरू नहीं हुई है, जबकि पंजाब सरकार के ही आंकड़ों के मुताबिक राज्य में 77 प्रतिशत कटाई पूरी हो चुकी है।

इसी अवधि में पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में भी भारी बढ़ोतरी हुई। उन्होंने दावा किया कि तीन नवंबर को पंजाब में पराली जलाने की 584 घटनाएं दर्ज की गईं, जो इस मौसम में एक दिन में दर्ज की गई सबसे अधिक घटनाएं हैं। पिछले साल चार नवंबर को ऐसी 292 घटनाएं दर्ज की गई थीं।

सिरसा ने पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि राज्य में अब तक पराली जलाने की 2,196 घटनाएं दर्ज की गई हैं और इस संबंध में 494 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, जबकि इसके क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को बख्शा जा रहा है। सिरसा ने पंजाब सरकार पर किसानों को पराली के निस्तारण के पर्याप्त विकल्प उपलब्ध कराने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने ‘हैप्पी सीडर’ और ‘बेलर’ जैसे कृषि उपकरणों की खरीद के लिए 5,000 करोड़ रुपये जारी किए थे, लेकिन राज्य सरकार किसानों तक इनकी उपलब्धता सुनिश्चित नहीं कर सकी।

उन्होंने यह भी कहा कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने पराली जलाने पर रोक लगाने में कथित विफलता को लेकर चार नवंबर को पंजाब के कई जिलों के उपायुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को तलब किया था। सिरसा ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार पराली जलाने की घटनाओं के आंकड़े कम करके पेश कर रही है। उन्होंने इस मौसम में ऐसी घटनाओं में हुई बढ़ोतरी का हवाला देते हुए सरकार के 90 प्रतिशत की कमी के दावों पर सवाल उठाए।

मंत्री ने आम आदमी पार्टी पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का भी आरोप लगाया। हालांकि, इस मामले पर आम आदमी पार्टी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। सिरसा ने कहा कि दिल्ली सरकार ने वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं और राष्ट्रीय राजधानी में 220 दिन अपेक्षाकृत साफ हवा दर्ज की गई।

उन्होंने यह भी कहा कि वायु गुणवत्ता में अचानक आई गिरावट के लिए कोई बड़ी नयी निर्माण गतिविधि, प्रदूषण फैलाने वाले उद्योग या वाहनों की भारी आवाजाही जिम्मेदार नहीं है। उन्होंने प्रदूषण बढ़ने की एक वजह पंजाब से आने वाले धुएं को बताया। उनके मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ी हवाएं इस धुएं को दिल्ली की ओर ला रही हैं।

सिरसा ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लोगों से खेद जताया कि बीएस-छह मानकों से नीचे के वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर लगी पाबंदी के कारण उन्हें असुविधा हो रही है। उन्होंने कहा कि ये कदम जनस्वास्थ्य की रक्षा के लिए उठाए गए हैं। उन्होंने पड़ोसी क्षेत्रों के लोगों से इन पाबंदियों का पालन करने में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि एनसीआर से निकलने वाले वाहनों का धुआं भी दिल्ली की वायु गुणवत्ता को प्रभावित करता है।

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