डोपिंग, प्रतिबंधित दवाओं को लेकर खेल मंत्री का बयान, कहा- तस्करी करने वालों के खिलाफ आपराधिक प्रावधान

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 16, 2026

डोपिंग से निपटने के लिये अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को महत्वपूर्ण बताते हुए खेलमंत्री मनसुख मांडविया ने गुरुवार को कहा कि सरकार उन लोगों के खिलाफ आपराधिक प्रावधान लाने पर काम कर रही है जो खिलाड़ियों को प्रतिबंधित दवायें देने या उनकी तस्करी में शामिल हैं।

फिलहाल भारत में खिलाड़ियों को प्रतिबंधित पदार्थों की आपूर्ति करने वालों के खिलाफ दंड का प्रावधान नहीं है और अनुशासनात्मक कार्रवाई खिलाड़ियों को जांच में दोषी पाये जाने पर प्रतिबंध तक सीमित है। मांडविया ने कहा ,‘‘ डोपिंग रोधी नियमों के उल्लंघन के खतरे खेल भावना को कमजोर करते हैं। भारत जहां खेलों का वैश्विक केंद्र बनने की कोशिश में है, हम इसके उन्मूलन के लिये काफी सक्रियता से प्रयास कर रहे हैं।’’

पिछले तीन साल में वाडा के डोप उल्लंघन के आंकड़ों में भारत अग्रणी रहा है जिसका विपरीत असर 2036 ओलंपिक की मेजबानी की आकांक्षा पर पड़ सकता है। खेलमंत्री ने कहा ,‘‘ पहले डोपिंग रोधी प्रयास बड़े पैमाने पर लैब टेस्ट प्रोटोकॉल और खिलाड़ियों के अनुपालन तक सीमित थे लेकिन आज डोपिंग व्यक्तिगत कार्य नहीं बल्कि एक संगठित बहु राष्ट्रीय नेटवर्क है जिसे प्रभावी ढंग से खत्म करने के लिये समन्वित वैश्चिक साझेदारी की जरूरत है।’

उन्होंने कहा ,‘‘ एक वैश्विक डोपिंग निरोधक खुफिया और जांच नेटवर्क इन अहम पहलुओं में मजबूत सहयोग में महत्पपूर्ण भूमिका निभा सकता है। भारत केवल नियमों का पालन करने के लिये नहीं बल्कि खेलों की शुचिता बनाये रखने के लिये सच्ची प्रतिबद्धता के साथ सुधारों को सक्रियता से लागू कर रहा है।’’ मांडविया ने राष्ट्रीय डोपिंग रोधी कानून 2022 को एक मजबूत कानूनी ढांचा बताया और कहा कि राष्ट्रीय डोपिंग रोधी सुधार अधिनियम 2025 भारत के कानूनों को वैश्विक मानदंडों के अनुरूप बनाते हैं।

उन्होंने कहा ,‘‘ भारत सिर्फ खेलों में श्रेष्ठता को लेकर प्रतिबद्ध नहीं है बल्कि खेलों में शीर्ष स्तर की शुचिता भी बनाये रखने को लेकर हमारी प्रतिबद्धता है।’’ सुधार के उपायों को लेकर उन्होंने कहा कि बचाव ही सबसे प्रभावी रणनीति है। उन्होंने कहा ,‘‘ सही समय पर सही सूचना देने से खिलाड़ी सही फैसले ले सकते हैं जिससे इरादतन और गैर इरादतन उल्लंघन से बचा जा सकता है।’’

भारत में 2019 में डोपिंग रोधी टेस्ट का आंकड़ा 4000 था जो पिछले साल 8000 हो गया। मांडविया ने कहा ,‘‘ वाडा के फ्रेमवर्क के तहत भारत में नयी डोप टेस्ट प्रयोगशालायें बनाने पर काम हो रहा है। भविष्य की ओर देखते हुए हमारा फोकस व्यवस्था को मजबूत बनाने , खेल मूल्यों और जागरूकता को बढाने पर रहेगा।

प्रमुख खबरें

Cancer Treatment में Game Changer बनेगी China की यह दवा? Lung Cancer का खतरा 34% कम हुआ

IPL 2026: 15 साल के Vaibhav Suryavanshi ने रचा इतिहास, सबसे कम उम्र में जीती Orange Cap

US-Iran Nuclear Deal पर फिर लगा ब्रेक, तेहरान बोला- अपने हितों से समझौता नहीं करेंगे।

Mumbai Indians में कप्तानी पर संकट, Hardik Pandya की होगी छुट्टी, Tilak Varma को मिलेगी कमान