By अंकित सिंह | Mar 16, 2023
जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद से अभी तक वहां उपराज्यपाल का शासन है। विपक्षी दलों की ओर से लगातार चुनाव की मांग की जा रही हैं। एक बार फिर से विपक्षी दलों के नेताओं ने इसको लेकर बैठक की है तथा ईसीआई से मुलाकात भी करेंगे। इस प्रतिनिधिमंडल में फारूक अब्दुल्ला, प्रमोद तिवारी, महबूबा मुफ्ती और नसीर हुसैन का हिस्सा होंगे। बैठक के बाद फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के 13 दलों के लोग आज यहां मिले और इस बात पर सहमत हुए कि जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल किया जाना चाहिए।
इससे पहले 16 फरवरी को पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा था कि केंद्र में सत्तारूढ़ सरकार जम्मू-कश्मीर के लोगों को परेशान कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार ने केवल झूठे वादे किए हैं। जम्मू और कश्मीर विध्वंस अभियान के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, उन्होंने पहली बार ऐसी सरकार देखी है जो गरीबों के घरों को स्कूलों, अस्पतालों और पार्कों में बदल रही है।