By अभिनय आकाश | Oct 27, 2025
अब तक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत और पाकिस्तान को एक तराजू में तोल रहे थे, समकक्ष बताने की कोशिश कर रहे थे। लगातार बराबार दिखाने की कोशिश कर रहे कि भारत और पाकिस्तान बराबर है। आईएमएफ से लोन दिलवाने में अमेरिका मदद कर रहा है। वर्ल्ड बैंक से लोन दिलवाने में भी मदद कर रहा है। साथ ही साथ हथियारों को सरही सलामत रखने के लिए भी पैसा दे रहा है। बलूचिस्तान से रेयर अर्थ मिनिरल्स की भी डील कर रहा है। अब तक भारत पाकिस्तान को लेकर डोनाल्ड ट्रंप बयानबाजी कर रहे थे। लेकिन अब उनके विदेश मंत्री मार्को रूबियो भी सामने आए हैं। उनका एक बयान काफी चर्चा में है। मार्को रूबियो की तरफ से कहा गया कि भारत पाकिस्तान के रिश्ते को लेकर भारत को कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन क्या ये रूस पर निशाना साधा गया है? अमेरिका के कहने के बावजूद भी रूस से तेल खरीदना जारी रखा गया है।
रुबियो ने कहा कि उन्हें (भारत को) समझना होगा कि हमें कई अलग-अलग देशों के साथ संबंध रखने है। इन मामलों में भारतीय बहुत परिपक्व है। उनके भी कुछ ऐसे देशों से रिश्ते हैं, जिनके साथ हमारे रिश्ते नहीं हैं। यह परिपक्व, व्यावहारिक विदेश नीति का हिस्सा है। रुबियो सोमवार को क्वालालंपुर में विदेश मंत्री जयशंकर से मिलने वाले है। रूस से तेल खरीद पर रुबियो ने कहा कि भारत ने पहले ही कच्चे तेल की खरीद में विविधता लाने की इच्छा जताई है। हम उन्हें जितना ज्यादा बेचेंगे, वे किसी और से उतना ही कम खरीदेंगे। हम देखेंगे कि आगे इस पर क्या नतीजा निकलता है। दोनों देशों के बीच व्यापार मुद्दा है। भारत हमेशा हमारा मित्र रहेगा।