घरेलू आंकड़ों के दम पर दौड़ा बाजार, अब Global Cues और कंपनी के नतीजों पर टिकी नजरें

By Ankit Jaiswal | Jul 05, 2026

भारतीय शेयर बाजार ने बीते सप्ताह मजबूत प्रदर्शन के साथ कारोबार का समापन किया। घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़े सकारात्मक आंकड़ों और वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों को लेकर बढ़ी उम्मीदों ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया। सप्ताह के दौरान बाजार में कुछ उतार-चढ़ाव जरूर देखने को मिला, लेकिन अंतिम कारोबारी दिनों में खरीदारी बढ़ने से प्रमुख सूचकांक अच्छी बढ़त के साथ बंद हुए।

गौरतलब है कि अमेरिका के श्रम बाजार से अपेक्षा से कमजोर आंकड़े आने के बाद यह संभावना बढ़ी है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक भविष्य में ब्याज दरों को लेकर पहले की तुलना में नरम रुख अपना सकता है। इससे वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और उभरते बाजारों, जिनमें भारत भी शामिल है, के प्रति सकारात्मक माहौल बना है।

बाजार विशेषज्ञ और एनरिच मनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पोनमुडी आर का कहना है कि अगले सप्ताह निवेशकों की नजर अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत पर रहेगी। यदि दोनों देशों के बीच किसी औपचारिक समझौते की दिशा में प्रगति होती है तो वैश्विक बाजारों को राहत मिल सकती है। वहीं, यदि बातचीत में कोई बाधा आती है तो भू-राजनीतिक तनाव दोबारा बढ़ सकता है, जिसका असर निवेशकों के भरोसे पर पड़ सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि कच्चे तेल की कीमतें फिलहाल लगभग 68 से 69 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के आसपास स्थिर बनी हुई हैं। यह स्थिति भारत के लिए सकारात्मक मानी जा रही है क्योंकि इससे महंगाई पर दबाव कम रहने और विदेशी व्यापार संतुलन को मजबूती मिलने की संभावना बढ़ती है।

रिलिगेयर ब्रोकिंग के अनुसंधान विभाग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजीत मिश्रा का मानना है कि भारतीय बाजार को मजबूत घरेलू आर्थिक माहौल और कंपनियों की आय में सुधार की उम्मीद का लाभ मिल रहा है। उनके अनुसार अब कंपनियों के पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने निवेशकों को मजबूत वित्तीय स्थिति और लगातार बेहतर प्रदर्शन करने वाली कंपनियों पर ध्यान देने की सलाह दी है। उनके अनुसार बैंकिंग, औषधि, रियल एस्टेट और रक्षा क्षेत्र फिलहाल बेहतर स्थिति में दिखाई दे रहे हैं।

तकनीकी विश्लेषण के अनुसार सेंसेक्स के लिए 78,100 से 78,200 अंक का दायरा निकटतम बाधा माना जा रहा है। यदि सूचकांक इस स्तर के ऊपर टिकने में सफल रहता है तो इसमें 79,000 अंक तक बढ़ने की संभावना बन सकती है। वहीं नीचे की ओर 77,500 से 77,400 अंक का स्तर महत्वपूर्ण सहारा माना जा रहा है।

निफ्टी के लिए चॉइस ब्रोकिंग के तकनीकी विश्लेषक आकाश शाह का कहना है कि 24,050 से 24,150 अंक का दायरा निकटतम सहारा रहेगा। वहीं 24,421 अंक का स्तर पहली बड़ी बाधा माना जा रहा है। यदि निफ्टी इस स्तर को पार कर लेता है तो 24,600 अंक तक तेजी देखने को मिल सकती है।

बैंक निफ्टी की बात करें तो विशेषज्ञों के अनुसार 57,400 से 57,500 अंक का स्तर मजबूत सहारा बना हुआ है। वहीं 58,400 से 58,500 अंक के ऊपर स्थायी बढ़त मिलने पर सूचकांक 58,900 और उसके बाद 59,300 अंक की ओर बढ़ सकता है। हालांकि विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि निवेशकों को बाजार में संभावित उतार-चढ़ाव को देखते हुए सोच-समझकर निवेश करना चाहिए और जोखिम प्रबंधन का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

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