Mauni Amavasya Snan Muhurat 2026: मौनी अमावस्या पर शाही स्नान का शुभ मुहूर्त, इस समय डुबकी लगाने से मिलेगा अक्षय पुण्य

By दिव्यांशी भदौरिया | Jan 17, 2026

तीर्थ प्रयागराज में माघ मेला 3 जनवरी 2026 शनिवार के दिन पौष पूर्णिमा से शुरु हो चुका है और 15 फरवरी 2026 रविवार के दिन महाशिवरात्रि के दिन समाप्त होगा। धार्मिक दृष्टि से माघ मेले का विशेष महत्व माना जाता है, क्योंकि मान्यता है कि माघ के महीने में सभी देवी-देवता संगम तट पर निवास करते हैं जिससे यहां स्नान करने से व्यक्ति के जन्म-जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। यदि शाही स्नान की विशेष तिथियों में संगम में डुबकी लगाई जाए तो फल कई गुना बढ़ जाता है। इन विशेष दिनों पर संगम में स्नान करने के लिए एक तरफ संतों और कल्पवासियों की भारी भीड़ देखने को मिलती है, जो संयम, सेवा और साधना के माध्यम से आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करते हैं तो वहीं, दूसरी तरफ गृहस्थ लोग भी शाही स्नान कर शारीरिक, मानसिक एवं आत्मिक दोषों से मुक्ति मिल पाती है। आइए जानते हैं मौनी अमावस्या के दिन शाही स्नान का शुभ मुहूर्त और क्यों मौनी अमावस्या के दिन स्नान करना शुभ होता है।


मौनी अमावस्या 2026 कब है? 


हिंदू कैलेंडर के अनुसार, मौनी अमावस्या माघ माह के कृष्ण पक्ष में पड़ती है जिसे माघी अमावस्या या मौनी अमावस्या के नाम से जाना जाता है। साल 2026 में मौनी अमावस्या तिथि का आरंभ 18 जनवरी, रविवार के दिन रात 12 बजकर 3 मिनट पर होगा और इसका समापन 19 जनवरी को रात 1 बजकर 21 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार, अमावस्या तिथि 19 तारीख को पड़नी चाहिए, लेकिन अमावस्या पर रात का महत्व होने के कारण मौनी अमावस्या 18 जनवरी को मनाई जाएगी।

 

मौनी अमावस्या शाही स्नान मुहूर्त

 

 मुहूर्त का नाम  मुहूर्त का समय   मुहूर्त में क्या करें 

 ब्रह्म मुहूर्त (अमृत स्नान मुहूर्त) सुबह 05:27 से 06:21 तक   पवित्र नदी में स्नान
 अभिजीत मुहूर्त  दोपहर 12:11 से 12:53 तक  भगवान शिव और अपने इष्ट देवी-देवता की पूजा 

 अमृत काल   दोपहर 01:25 से 03:11 तक  किसी विशेष इच्छा पूर्ति हेतु हवन-अनुष्ठान  

 विजय मुहूर्त दोपहर 02:17 से 03:00 तक   बुरी परिस्थितियों पर विजय पाने का उत्तम समय

मौनी अमावस्या 2026 शाही स्नान शुभ योग

 
 योग का नाम  योग का समययोग में क्या करें 
 पंचग्रही योग पूरे दिन  इस दौरान नाम जाप से मिलेगा 100 गुना फल  
 हर्षण योग   ब्रह्म मुहूर्त से रात 09:11 बजे तक   अटके हुए काम हो सकते हैं पूरे 
 सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 10:14 से अगले दिन तक ग्रहों को शांत करने के लिए पूजा का श्रेष्ठ समय  

 

मौनी अमावस्या 2026 शाही स्नान महत्व


मौनी अमावस्या को शाही स्नान का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार माघ मास में पवित्र नदियों का जल अमृततुल्य हो जाता है और इस दिन प्रयागराज के संगम में स्नान करने से अपार पुण्य की प्राप्ति होती है, जिसे करोड़ों गायों के दान के समान बताया गया है। शाही स्नान के अवसर पर विभिन्न अखाड़ों के साधु-संत, नागा साधु और ऋषि-मुनि पारंपरिक गाजे-बाजे के साथ सबसे पहले पवित्र संगम में स्नान करते हैं, जिससे यह पर्व और भी दिव्य एवं भव्य बन जाता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, उनके स्नान के बाद जल में जो आध्यात्मिक ऊर्जा प्रवाहित होती है उसमें सामान्य भक्तों के स्नान करने से उनके पिछले कई जन्मों के पाप कट जाते हैं और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। आसान भाषा में कहे तो इस दिन मौन रहकर स्नान करने का विधान है, जिसे मौनी अमावस्या कहा जाता है। मौन रहने का अर्थ केवल चुप रहना नहीं बल्कि मन को एकाग्र करना और अपनी इंद्रियों में कंट्रोल करना है। शाही स्नान के बाद श्रद्धालु भगवान विष्णु और सूर्य देव की आराधना करते हैं। धार्मिक दृष्टि से इस दिन सूर्य और चंद्रमा एक ही राशि मकर में होते हैं जिससे इस स्नान का फल अक्षय हो जाता है।

All the updates here:

प्रमुख खबरें

T20 World Cup 2026 के फाइनल में पहुंचा न्यूजीलैंड, चोकर्स का टैग नहीं हटा पाई साउथ अफ्रीका

Rajya Sabha के लिए कल नामांकन करेंगे Nitish Kumar, अमित शाह भी रहेंगे मौजूद, निशांत जदयू में होंगे शामिल

Horoscope 05 March 2026 Aaj Ka Rashifal: सभी 12 राशियों का कैसा रहेगा आज का दिन, पढ़ें आज का राशिफल

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस 2026 में ‘भारत पवेलियन’ का किया उद्घाटन