By अंकित सिंह | Jun 05, 2025
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया मायावती ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दलित राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया। मायावती ने कहा कि जातिवादी दलों के हाथों में संचालित ये अवसरवादी और स्वार्थी संगठन एक सोची-समझी साजिश के तहत निर्दोष बीएसपी सदस्यों को गुमराह कर रहे हैं। वे अपनी बैठकों और कार्यक्रमों में बीएसपी सदस्यों को बुलाते हैं और कांशीराम और यहां तक कि मेरा नाम लेकर कहते हैं कि वे हमारे मिशन को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं।
पूर्व सीएम ने कहा कि कई अन्य विपक्षी दलों के साथ-साथ हमारी पार्टी भी चाहती है कि देश में सभी चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएं। हालांकि मौजूदा सरकार के रहते ऐसा संभव नहीं लगता, लेकिन उम्मीद है कि सत्ता परिवर्तन के साथ ही यह बदलाव शुरू हो जाएगा। हमारी पार्टी के सदस्यों को इस संभावना पर विचार करके निराश नहीं होना चाहिए। देश के मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य को देखते हुए ईवीएम प्रणाली कभी भी बदल सकती है... अगर बैलेट पेपर का फिर से इस्तेमाल किया गया तो बीएसपी के अच्छे दिन भी लौट आएंगे।