By अंकित सिंह | Jun 03, 2021
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने है। चुनावों को देखते हुए मायावती ने भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी हैं। अपनी पार्टी बहुजन समाज पार्टी को मजबूत करने के लिए वह लगातार नए तरह की रणनीति अपना रही हैं। इन सबके बीच मायावती ने अपने पार्टी के दो प्रमुख नेताओं को निष्कासित कर दिया है। यह नेता हैं लालजी वर्मा और उत्तर प्रदेश के पूर्व बसपा अध्यक्ष राम अचल राजभर। इन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगा है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि वर्मा और राजभर दोनों ही समाजवादी पार्टी के नेताओं के संपर्क में थे।
इस पर वर्मा ने जवाब दिया, ‘‘ समाजवादी पार्टी या किसी अन्य राजनीतिक दल में जाने का कोई विचार ही नहीं। मैं बहुजन समाज पार्टी का एक वफादार सिपाही हूं और हमेशा पार्टी के लिये ही काम करूंगा। इससे पहले कई बार कई दलों ने मुझे बुलाने की कोशिश की, लेकिन मैं नहीं गया तो अब क्या जाऊंगा, किसी अन्य पार्टी में जाने के बारे में कभी सोचा ही नही हैं। उनसे पूछा गया कि अब बसपा से निकाले जाने के बाद उनका अगला कदम क्या होगा? इस पर वर्मा ने कहा,‘‘ मैं बहन जी से मिलने की कोशिश कर रहा हूं ताकि उनकी गलतफहमी दूर की जा सके। बहन जी से मिलकर उन्हें बताऊंगा कि बीमार होने के कारण मैं पंचायत चुनाव में सक्रिया भागीदारी नहीं निभा सका। वैसे यह बात उन्हें मालूम हैं। बसपा से निकाले गये राम अचल राजभर से जब बात की गयी तो उन्होंने कहा कि मुझे निकाले जाने की वजह के बारे में कोई जानकारी नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ मैं इस बारे में तभी कुछ बता सकता हूं जब मुझे कुछ मालूम होगा।’’ राजभर ने कहा, ‘‘मैं पार्टी का समर्पित कार्यकर्ता हूं और हमेशा पार्टी के वफादार सिपाही की तरह रहूंगा। मैं बहन जी को एक बार फिर मुख्यमंत्री बनाने के लिये पार्टी में कार्य करता रहूंगा।