By अभिनय आकाश | Jun 30, 2026
बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख मायावती ने मंगलवार (30 जून) को कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले चंदे में कथित हेराफेरी का मामला "बेहद गंभीर और चिंताजनक" है। साथ ही, उन्होंने इस मुद्दे का राजनीतिकरण न करने की चेतावनी भी दी। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें बख्शा नहीं जाना चाहिए। उनका यह पोस्ट अयोध्या में राम मंदिर में दान की चोरी के मामले में अयोध्या पुलिस और राज्य सरकार की ओर से बनाई गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की चल रही जांच के बीच आया है।
इस बीच, पुलिस ने राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से लगभग तीन घंटे तक पूछताछ की और उनका बयान दर्ज किया। सूत्रों के मुताबिक, जांचकर्ताओं ने उनसे प्रशासनिक फैसलों, दान के प्रबंधन, कर्मचारियों की भूमिका और जिम्मेदारियों, और शिकायतों के निपटारे से जुड़े कई अहम सवाल पूछे। सूत्रों ने यह भी दावा किया कि चंपत राय कई सवालों के जवाब नहीं दे पाए, और ज़रूरत पड़ने पर पुलिस आगे की पूछताछ के लिए उन्हें फिर से बुला सकती है। पूछताछ के दौरान, चंपत राय ने पुलिस को बताया कि दान की चोरी में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस अब चंपत राय के बयान की तुलना जांच के दौरान सामने आए अन्य गवाहों, दस्तावेजों और तथ्यों से करेगी। SIT की शुरुआती रिपोर्ट के बाद, पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। उम्मीद है कि SIT जुलाई के पहले हफ्ते में अयोध्या पहुंचेगी, अपनी जांच पूरी करेगी और सरकार को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपेगी।