Mayawati ने Akash Anand को फिर सौंपी BSP के राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 05, 2026

लखनऊ, पांच अक्टूबर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सोमवार को एक बार फिर अपना फैसला बदलते हुए अपने भतीजे आकाश आनन्‍द को पार्टी में वापस शामिल कर लिया और उन्हें बसपा का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया। बसपा प्रमुख ने सोमवार को अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर एक पोस्ट के जरिए इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा, ‘‘बसपा के हित में आकाश आनन्‍द को पुनः बसपा का राष्ट्रीय संयोजक बनाकर उनको फिर से पार्टी में कार्य करने का मौका दिया जा रहा है।’’ मायावती ने हाल के दिनों में आकाश आनन्‍द के प्रति नाराजगी जताई थी और बाद में उन्हें माफ भी कर दिया था।

मायावती का यह फैसला 12 सितंबर को किए गए उनके एक ‘‘पारिवारिक फैसले’’ के आठ दिन बाद आया था, जिसमें बसपा प्रमुख ने कहा था कि उनके छोटे भाई आनंद कुमार के किसी भी बेटे (आकाश और ईशान) को पार्टी में छोटे या बड़े किसी भी पद पर रहते हुए राजनीति करने का मौका नहीं दिया जाएगा। मायावती ने दिसंबर 2023 में आकाश आनन्‍द को अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित किया था। हालांकि, 10 सितंबर को उन्होंने आकाश आनन्‍द को बसपा से पूरी तरह मुक्त कर दिया था और इसकी वजह उनके ससुर एवं पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ को बताया था।

कभी मायावती के बेहद करीबी रहे सिद्धार्थ ने बसपा से निकाले जाने के बाद राजनीति से संन्यास ले लिया है। मायावती ने सोमवार को एक्स पर अपने एक पोस्ट में कहा, ‘‘आकाश आनन्‍द का व्यक्तित्व पार्टी में काफी हद तक ठीक ही रहा है, लेकिन इनको लेकर पिछले दिनों कुछ ऐसे कारण भी रहे हैं, जिसकी वजह से पार्टी संगठन में कई बार कुछ जरूरी परिवर्तन भी करने पड़े हैं और फिर अंततः आकाश आनन्‍द के ससुर अशोक सिद्धार्थ को राजनीति से संन्यास लेने के लिए मजबूर भी होना पड़ा है।’’ बसपा प्रमुख ने कहा, ‘‘उसके बाद से आकाश आनन्‍द के व्यक्तित्व व कार्यशैली आदि में काफी कुछ बदलाव भी लोग देख रहे हैं, जिसका खास प्रमाण पार्टी में वापसी हेतु अभी हाल ही में सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर किया गया उनका एक पोस्ट भी है, जिसकी काफी चर्चा भी है।’’ आकाश आनन्‍द ने दो अक्टूबर को अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर एक पोस्ट में कहा था कि वह किसी अन्य राजनीतिक दल में नहीं जा रहे हैं और बसपा उनके लिए केवल एक पार्टी नहीं, बल्कि उनका परिवार है। आनन्‍द ने मायावती को अपना राजनीतिक गुरु, प्रेरणा और ‘बुआ मां’ बताते हुए कहा था कि उन्होंने राजनीति में जो कुछ सीखा और किया, वह मायावती के मार्गदर्शन में किया है।

मायावती ने अपने पोस्ट में कहा कि अधिकांश लोगों का यही कहना है कि आकाश आनन्‍द के अनुरोध को स्वीकार करते हुए उन्हें पहले दी गई जिम्मेदारियों के साथ काम करने का मौका दिया जाए। इसके लिए उनके पिता आनंद कुमार के साथ-साथ छोटे भाई ईशान आनन्‍द ने भी अपनी सहमति जताई है। ईशान आनन्‍द ने अपनी ‘‘मिशनरी भावना’’ प्रदर्शित करते हुए कहा है कि वह बिना किसी पद के भी पार्टी में बहनजी के दिशा-निर्देशन में जो भी कार्य सौंपा जाएगा, उसे पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निभाएंगे।

बसपा प्रमुख ने उम्मीद जताते हुए कहा कि ‘‘अशोक सिद्धार्थ द्वारा राजनीति से संन्यास लेने के बाद से अब पार्टी में सब कुछ ठीक व सुचारू ढंग से चलेगा और पार्टी संगठन में भी बार-बार परिवर्तन नहीं करना पड़ेगा, हालांकि यह काफी कुछ आकाश आनन्‍द के ऊपर भी निर्भर करेगा।

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