By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 14, 2026
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) द्वारा राष्ट्रीय राजधानी में 30.6 लाख मकानों (94.17 प्रतिशत) का सर्वेक्षण करने के बाद जारी की गई आधिकारिक रिपोर्ट में 81 मकानों को खतरनाक चिह्नित किया गया है जबकि 553 अन्य मकानों की मरम्मत कराने की सलाह दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, एमसीडी ने सोमवार तक कुल 32,55,909 मकानों में से 30,66,188 का सर्वेक्षण किया था। इस तरह 1,89,721 मकानों का सर्वेक्षण किया जाना बाकी है।
इनमें से 63 मकान रखरखाव श्रेणी में और 18 भवन श्रेणी में आते हैं। रिपोर्ट में यह भी दर्ज किया गया है कि 63 मकानों को सील किए जाने के साथ ही चार ऐसे मामले हैं जिनमें अदालतों ने कार्रवाई पर रोक लगा दी है और 58 मकानों को ध्वस्त कर दिया गया है। ये आंकड़े एमसीडी के विभिन्न क्षेत्रों द्वारा प्रस्तुत समेकित आंकड़ों का हिस्सा हैं।
रिपोर्ट में दिल्ली गेट के पास हरिजन बस्ती में एमसीडी के कर्मचारियों के आठ आवासों के खतरनाक और जर्जर स्थिति में होने की बात भी कही गई है। इसके अनुसार, ये आवास लगभग 25 से 30 साल पहले आवंटित किए गए थे। वहीं, अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि सर्वेक्षण के दौरान भूमि उपयोग के नियमों का उल्लंघन करने वाली लगभग 21,000 संपत्तियों की पहचान की गई है इसलिए दिल्ली में आवासीय परिसरों से संचालित हो रहे कोचिंग सेंटर, रेस्तरां, किराना और मिठाई की दुकानों को सील किया जा सकता है।
एमसीडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि सर्वेक्षण में शामिल करीब पांच प्रतिशत संपत्तियों का इस्तेमाल आवासीय उपयोग के लिए निर्धारित होने के बावजूद व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। अधिकारी ने कहा, “करीब चार लाख संपत्तियों का सर्वेक्षण किया गया है और इनमें से लगभग 21,000 में भूमि उपयोग के नियमों का उल्लंघन पाया गया है। इनमें आवासीय परिसरों से संचालित हो रहे कोचिंग सेंटर, रेस्तरां, किराना दुकानें, मिठाई की दुकानें और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल हैं।
हम संपत्ति मालिकों को नोटिस जारी करेंगे और चरणबद्ध तरीके से उन्हें सील करने की कार्रवाई शुरू करेंगे।” यह सर्वेक्षण मार्च 2026 में उच्चतम न्यायालय के उस आदेश के बाद किया जा रहा है, जिसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की राजधानियों में स्थानीय निकायों को आवासीय संपत्तियों का अवैध रूप से व्यावसायिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जाने के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया था। अधिकारियों ने बताया कि एमसीडी ने अफसरों को 15 दिनों के भीतर 2,400 से ज्यादा पेइंग गेस्ट (पीजी) आवासों से ‘ढांचागत सुरक्षा प्रमाणपत्र’ लेने का निर्देश दिया है। नगर निकाय ने सभी 12 जोन के भवन विभागों को यह प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है।
साथ ही, पीजी मालिकों और संचालकों से कहा गया है कि वे एमसीडी से अधिकृत ‘निजी अवसंरचना अभियंताओं’ से अपनी इमारतों की जांच करवाएं। अधिकारियों ने कहा कि ऐसा न करने पर इमारतों को खाली करवाकर सील किया जा सकता है।