By अभिनय आकाश | Oct 15, 2026
विदेश मंत्रालय (MEA) ने बुधवार को इलिनोइस के ऑरोरा में एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर गोलीबारी (mass shooting) करने की कथित साजिश पर चिंता जताई है। मंत्रालय ने कहा कि यह घटना अमेरिका में "नस्लीय शत्रुता और भारत-विरोधी नफरत" को लेकर बढ़ती चिंताओं को और बढ़ाती है। साथ ही, वहां भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। इस कथित घटना के बारे में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस साजिश का हिंदू-विरोधी और नस्लीय स्वरूप, जिसमें भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा की बात भी शामिल है, बेहद चिंताजनक है। जायसवाल ने कहा, "इलिनोइस के ऑरोरा इलाके में एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर गोलीबारी करने की कथित साजिश की खबरों से हम बेहद चिंतित हैं। इस साजिश का हिंदू-विरोधी और नस्लीय स्वरूप, जिसमें भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा की बात भी शामिल है, विशेष रूप से चिंताजनक है।
पैलेटाइन पुलिस विभाग के अनुसार, जांच की शुरुआत 11 अक्टूबर को हुई, जब माउंट प्रॉस्पेक्ट पुलिस विभाग ने संभावित 'मास शूटिंग' के बारे में जानकारी साझा की। यह जानकारी एक व्यक्ति से मिली, जिसने बताया कि उसे पैपोराकिस की ओर से चिंताजनक इलेक्ट्रॉनिक संदेश मिले थे। जांचकर्ताओं ने बताया कि संदिग्ध ने एक दस्तावेज साझा किया था, जिसमें एक हिंदू मंदिर में 'मास शूटिंग' करने की कथित योजना का विवरण था। इसके साथ ही, उसने राइफल, राइफल मैगजीन, बॉडी आर्मर और अन्य सामरिक उपकरणों (टैक्टिकल इक्विपमेंट) की तस्वीरें भी भेजी थीं। पैपोराकिस को उसके घर से निकलते समय हिरासत में ले लिया गया। बाद में उसके घर की तलाशी लेने पर पुलिस को एक राइफल, कई भरी हुई राइफल मैगजीन, सैकड़ों अतिरिक्त कारतूस, सामरिक उपकरण और जांच से जुड़ी अन्य चीजें मिलीं। बरामद की गई वस्तुओं में एक 'टैक्टिकल वेस्ट' (सुरक्षात्मक जैकेट) भी शामिल थी, जिसमें बॉडी आर्मर लगा था और उस पर 'श्वेत वर्चस्ववादी चरमपंथ' (व्हाइट सुप्रीमेसिस्ट एक्सट्रीमिज्म) से जुड़े प्रतीक चिन्ह लगे थे।