By अभिनय आकाश | Oct 16, 2026
विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को शिकागो के पास ऑरोरा में एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर की जाने वाली सामूहिक गोलीबारी की साजिश को नाकाम किए जाने पर गहरी चिंता जताई है। एक नियमित मीडिया ब्रीफिंग में, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "यह हमारे लिए निश्चित रूप से गहरी चिंता का विषय है। साथ ही, यह अमेरिका में भारतीय समुदायों के खिलाफ नफरत से प्रेरित अपराधों (हेट क्राइम्स) और नस्लीय भेदभाव के बढ़ते मामलों को भी उजागर करता है। जायसवाल ने आगे कहा, "हमने इस घटना के बाद अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा की गई कार्रवाई पर ध्यान दिया है, लेकिन हम अमेरिकी पक्ष से यह सुनिश्चित करने का आग्रह करते हैं कि उनके देश में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा बनी रहे। यह घटनाक्रम 19 वर्षीय एलेक्जेंड्रोस पैपोराकिस की गिरफ्तारी और उस पर लगे आरोपों के बाद सामने आया है। उस पर आतंकवादी धमकी देने और अवैध रूप से हथियार रखने का आरोप है। आरोप है कि उसने शिकागो के पास ऑरोरा में स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी (बालाजी) मंदिर को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर गोलीबारी (मास शूटिंग) करने की साजिश रची थी।
बयान में आगे कहा गया, "हम उम्मीद करते हैं कि अमेरिकी अधिकारी इस मामले की गहन जांच करेंगे, दोषियों को सजा दिलाएंगे और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएंगे।" इस नाकाम साजिश की अमेरिकी सांसदों, स्थानीय अधिकारियों और सामुदायिक नेताओं ने कड़ी निंदा की है। अमेरिकी कांग्रेस सदस्य राजा कृष्णमूर्ति ने बताया कि जब हमला करने की कोशिश की गई, तब वह और उनका परिवार मंदिर में पूजा कर रहे थे। उन्होंने कहा, "रविवार को जब मैं और मेरा परिवार ऑरोरा स्थित अपने हिंदू मंदिर में पूजा कर रहे थे, तब एक 'श्वेत वर्चस्ववादी' (white supremacist) ने भारतीय-अमेरिकियों को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर गोलीबारी करने की कोशिश की। मैं उन लोगों का आभारी हूं जिन्होंने एक बड़ी त्रासदी को रोकने में मदद की, लेकिन हमें उस नफरत का मिलकर सामना करना होगा जिसने इतने सारे निर्दोष लोगों की जान खतरे में डाल दी है।" नफरत से प्रेरित हिंसा की धमकियों को नजरअंदाज न करने की चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा, "इस तरह की हिंसा का खतरा दिखाता है कि भारत-विरोधी नफरत और 'श्वेत वर्चस्ववाद' कितने खतरनाक हो गए हैं। हम इन धमकियों को गंभीरता से लेने के लिए तब तक इंतजार नहीं कर सकते, जब तक कि निर्दोष लोग मारे न जाएं।