Media vs Education: Anjana Om Kashyap ने Khan Sir पर ठोका मानहानि केस, अब Court में होगी जंग

By Ankit Jaiswal | Jun 07, 2026

शिक्षा और मीडिया जगत से जुड़ा एक चर्चित विवाद अब न्यायालय की चौखट तक पहुंच गया है। वरिष्ठ पत्रकार अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क ने लोकप्रिय शिक्षक फैसल खान, जिन्हें आमतौर पर खान सर के नाम से जाना जाता है, के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में मानहानि का मुकदमा दायर किया है।

बता दें कि इस मामले की सुनवाई दिल्ली उच्च न्यायालय की अवकाश पीठ के समक्ष होने वाली है। न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा की पीठ इस मामले पर विचार कर सकती है।

गौरतलब है कि विवाद की शुरुआत राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी चिकित्सा प्रवेश परीक्षा प्रणाली को लेकर हुई एक बहस से जुड़ी बताई जा रही है। इस चर्चा के दौरान अंजना ओम कश्यप ने कथित तौर पर कुछ ऑनलाइन शिक्षकों और इंटरनेट आधारित शिक्षा सामग्री तैयार करने वालों पर सवाल उठाए थे। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने ऐसे लोगों को केवल दर्शक संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से काम करने वाला बताया था।

इसके बाद इस मुद्दे पर विभिन्न पक्षों की प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। आरोप है कि इसी क्रम में खान सर द्वारा कुछ ऐसी टिप्पणियां की गईं जिन्हें अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क ने मानहानिकारक माना है। याचिका में कहा गया है कि इन टिप्पणियों ने न केवल पत्रकार बल्कि समाचार संस्थान की सार्वजनिक छवि को भी प्रभावित किया है।

मौजूद जानकारी के अनुसार याचिकाकर्ताओं ने न्यायालय से अनुरोध किया है कि कथित आपत्तिजनक सामग्री को तत्काल प्रभाव से हटाने का निर्देश दिया जाए। साथ ही दो करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग भी की गई है। उनका कहना है कि सार्वजनिक मंचों पर की गई टिप्पणियों से उनकी साख को नुकसान पहुंचा है।

गौरतलब है कि हाल के वर्षों में सामाजिक माध्यमों और डिजिटल मंचों के बढ़ते प्रभाव के कारण सार्वजनिक व्यक्तियों, शिक्षकों, पत्रकारों और प्रभावशाली हस्तियों के बीच विवादों के मामले भी बढ़े हैं। कई मामलों में अदालतों को यह तय करना पड़ता है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और व्यक्तिगत प्रतिष्ठा के अधिकार के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।

फैसल खान, जिन्हें खान सर के नाम से व्यापक पहचान मिली है, देश के सबसे लोकप्रिय शिक्षकों में गिने जाते हैं। उनके शैक्षणिक वीडियो लाखों विद्यार्थी देखते हैं। वहीं अंजना ओम कश्यप भारतीय समाचार जगत की चर्चित पत्रकारों में शामिल हैं और लंबे समय से राष्ट्रीय मुद्दों पर कार्यक्रमों का संचालन करती रही हैं।

फिलहाल इस मामले में अदालत की कार्यवाही पर सभी पक्षों की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट हो सकेगा कि न्यायालय इस विवाद को किस तरह से देखता है और कथित टिप्पणियों को लेकर क्या निर्देश जारी करता है। तब तक यह मामला शिक्षा, मीडिया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ी बहस का महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है।

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