By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 23, 2026
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को चेतावनी दी कि अगर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के फायदे के लिए मतदाता सूची में “हेराफेरी” को नहीं रोका गया तो भारत के एक विफल राष्ट्र बनने का खतरा है। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की उस खबर पर प्रतिक्रिया दे रही थीं जिसमें कहा गया था कि मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (एसआईआर) के दौरान दो निर्वाचन आयुक्तों ने 10 महीनों में 14 बार निर्वाचन आयोग के कदमों पर आपत्ति जताई थी। अधिकारियों ने बताया कि निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने मतदाता सूची को ठीक करने के दौरान कई राज्यों में नाम हटाने समेत कई मुद्दों की ओर ध्यान दिलाया था, लेकिन पूरे देश में एसआईआर से जुड़े फैसलों पर निर्वाचन आयोग की राय एक थी।
कौन जाने उन्हें किस तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है - हो सकता है कि उन पर ईडी या आयकर के छापे पड़ें, या इससे भी बुरा कुछ हो। लेकिन अगर ऐसा ही चलता रहा, तो एक समय ऐसा आएगा जब हम एक विफल राष्ट्र जैसे हो जाएंगे और लोकतंत्र बिल्कुल नहीं बचेगा।” महबूबा ने दोनों निर्वाचन आयुक्तों की तारीफ करते हुए उन्हें उम्मीद की किरण बताया। उन्होंने कहा, “मुझे बस एक ही अच्छी बात दिखती है कि भारत में अब भी इन दो चुनाव आयुक्तों जैसे लोग हैं, जिनमें सत्ता में बैठे लोगों से सवाल पूछने की हिम्मत और ईमानदारी है।
अफसोस की बात है कि पाकिस्तान में व्यवस्था के भीतर ऐसी कोई आवाज नहीं है जो इमरान खान की बहनों को मनमाने ढंग से हिरासत में लिए जाने पर सवाल उठा सके। यह बहुत दुखद स्थिति है।