Mehndi Hassan Birth Anniversary: मेहंदी हसन साइकिल मैकेनिक से बनें 'शहंशाह-ए-गजल', जानिए रोचक किस्से

By अनन्या मिश्रा | Jul 18, 2024

हिंदी सिनेमा में कुछ कलाकार ऐसे भी रहे हैं, जिनको न सिर्फ भारत बल्कि पाकिस्तान में भी खूब प्यार मिला। ऐसे की एक गायक और गजल के शहंशाह कहे जाने वाले सिंगर मेहंदी हसन थे। उन्होंने काफी संघर्ष के बाद अपना ऐसा शानदार कॅरियर बनाया कि वह पूरे भारत में सबसे ज्यादा फीस लेने वाले सिंगर बन गए थे। आज ही के दिन यानी की 18 जुलाई को सिंगर मेहंदी हसन का जन्म हुआ था। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर सिंगर मेहंदी हसन के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

राजस्थान के झुंझनू जिले के पास लूना नामक गांव में 18 जुलाई 1927 को मेहंदी हसन का जन्म हुआ था। मेहंदी हसन का परिवार संगीत से जुड़ा था। वहीं मेहंदी के पिता उस्ताद अजीम खान और चाचा उस्दाद इस्माइल खान ने उनको सिर्फ 8 साल की उम्र से संगीत की शिक्षा देनी शुरूकर दी थी। बता दें कि उन्होंने महज 18 साल की उम्र में परफॉर्म करना शुरूकर दिया था। वह ठुमरी, ध्रुपद और खयाल गायकी में मास्टर थे। सिंगिग में अपना कॅरियर शुरू करते ही उनका असली स्ट्रगल शुरू हो गया था।

इसे भी पढ़ें: Sanjeev Kumar Birth Anniversary: संजीव कुमार अपनी सादगी और संजीदगी से जीतते थे दर्शकों का दिल, इस बात का सताता था डर

गरीबी में गुजरे दिन

साल 1947 में 20 साल के मेहंदी हसन ने अपने कॅरियर की शुरूआत की थी। तभी भारत और पाकिस्तान का बंटवारा हो गया था। ऐसे उनका परिवार सिर्फ कुछ जरूरी सामान लेकर बॉर्डर पार चला गया। जिसके बाद उनका परिवार पाकिस्तान-पंजाब के साहीवाल जिले के एक गांव में रहने लगे। नई जगह पर उनका परिवार गरीबी में घिरा हुआ था। ऐसे में उन्होंने पारिवारिक मदद के लिए एक साइकिल की दुकान में मैकेनिक के रूप में काम करना शुरू कर दिया। बाद में मेहंदी हसन ने ट्रैक्टर और कार मैकेनिक के रूप में भी काम करना शुरू कर दिया। लेकिन इस दौरान उन्होंने संगीत का रियाज करना नहीं छोड़ा।

बुलंदियों पर पहुंचे

करीब 10 साल के लंबे संघर्ष के बाद साल 1957 में उनको पाकिस्तान के रेडियो पर गाने का मौका मिला। शुरूआत में वह ठुमरी गाया करते थे, जिसको लोग काफी पसंद करते थे। बाद में मेहंदी हसन ने गजल गाना शुरूकर दिया था। भारत और पाकिस्तान की फिल्म इंडस्ट्री में गजल गायकी ने मेहंदी हसन को मशहूर कर दिया। वहीं उन्होंने फिल्मों के लिए भी गाना शुरूकर दिया था। जिसके बाद वह काफी ज्यादा फेमस हो गए थे। वह सिर्फ पाकिस्तान ही नहीं बल्कि भारत में भी कॉन्सर्ट के लिए आते थे। वह भारत में कई भारतीय सिंगरों के साथ परफॉर्म करते थे।

कई देशों में मिला सम्मान

वैसे तो मेहंदी हसन का पाक सिंगर कहा जाता था। लेकिन उनको पाकिस्तान के अलावा भारत और नेपाल में भी सरकारों से सम्मान मिला था। साल 1979 में भारत सरकार ने उनको जालंधर में केएल सहगल अवॉर्ड से नवाजा था। वहीं साल 1983 में नेपाल सरकार ने मेहंदी हसन को गोरखा दक्षिणा बाहू अवॉर्ड से सम्मानित किया था। इसके साथ ही साल 1985 में पाकिस्तान में प्राइड ऑफ परफॉर्मेंस और तमगा ए इम्तियाज, साल 2010 में हिलाल ए इम्तियाज और साल 2012 में निशान ए इम्तियाज जैसे सम्मान से नवाजा था।

मौत

बता दें कि लंबी बीमारी के बाद 13 जून 2012 को पाकिस्तान के कराची में लेजेंडरी गजल सिंगर मेहंदी हसन का निधन हो गया था।

प्रमुख खबरें

Tata Technologies का शुद्ध लाभ दूसरी तिमाही में 171 करोड़ रुपये पर पहुंचा

NITI Aayog की राज्यों को सलाह, Data Center को रणनीतिक बुनियादी ढांचा मानकर बनाएं नीतियां

DGCA ने उड़ानों में Mobikins MK PB 04 पावर बैंक ले जाने पर लगाई रोक

Shai Hope बने T20I में 3 शतक लगाने वाले पहले West Indies बल्लेबाज, हैदराबाद में रचा इतिहास