Meta में फिर Mass Layoff का ऐलान, 8000 कर्मचारियों की नौकरी पर लटकी तलवार

By Ankit Jaiswal | May 20, 2026

दुनियाभर की बड़ी टैकनोलजी कंपनियों में इस समय कृत्रिम बुद्धिमत्ता को लेकर तेज प्रतिस्पर्धा चल रही है और इसी बीच मार्क जुकरबर्ग की कंपनी मेटा ने बड़े स्तर पर कर्मचारियों की छंटनी शुरू कर दी है। मौजूद जानकारी के अनुसार मेटा करीब 8 हजार कर्मचारियों को नौकरी से बाहर कर रही है। कंपनी के इस फैसले से अमेरिका, यूरोप और एशिया समेत कई देशों में काम करने वाले कर्मचारियों के बीच चिंता बढ़ गई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक कर्मचारियों को बुधवार सुबह से ही सूचना भेजी जानी शुरू हो गई थी। सबसे पहले सिंगापुर स्थित कर्मचारियों को स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 4 बजे जानकारी दी गई। इसके बाद यूरोप और अमेरिका में भी कर्मचारियों को अलग-अलग समय क्षेत्रों के अनुसार सूचना भेजी गई है। कंपनी ने कई कर्मचारियों को घर से काम करने की सलाह भी दी है ताकि छंटनी प्रक्रिया के दौरान कामकाज प्रभावित न हो।

गौरतलब है कि इस बार सबसे ज्यादा असर कंपनी की इंजीनियरिंग और उत्पाद विकास टीमों पर पड़ने की संभावना बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार साल के अंत तक और भी कर्मचारियों की छंटनी हो सकती है। पिछले कुछ वर्षों में भी मेटा कई बार बड़े पैमाने पर कर्मचारियों को निकाल चुकी है। मार्क जुकरबर्ग लगातार “ज्यादा दक्षता” की नीति पर जोर देते रहे है।

मौजूद जानकारी के अनुसार कंपनी अब अपने कर्मचारियों से कोडिंग और दूसरे तकनीकी कामों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए कह रही है। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि जुकरबर्ग खुद भी ऐसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहायक उपकरण विकसित करने में लगे हैं जो मुख्य कार्यकारी अधिकारी के कुछ कामों में मदद कर सकें।

हालांकि मेटा के इस बड़े निवेश को लेकर निवेशकों के बीच चिंता भी बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी कृत्रिम बुद्धिमत्ता ढांचे पर जितना पैसा खर्च कर रही है, उसके मुकाबले छंटनी से होने वाली बचत काफी कम है। अनुमान के अनुसार कंपनी को इस कदम से करीब 3 अरब डॉलर की बचत हो सकती है, जबकि इस साल मेटा का कुल पूंजीगत खर्च 145 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।

तकनीकी क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि आने वाले समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की दौड़ और तेज हो सकती है, लेकिन इसके साथ रोजगार पर असर भी लगातार देखने को मिलेगा। मेटा का यह फैसला इसी बदलती तकनीकी दुनिया की बड़ी तस्वीर को दिखाता है, जहां कंपनियां तेजी से नई तकनीक अपनाने के लिए अपने पुराने ढांचे में बड़े बदलाव कर रही हैं।

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