By Kusum | Mar 12, 2026
WhatsApp, Facebook या मैसेंजर का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए अच्छी खबर है। दरअसल, Meta ने स्कैम से बचाव के लिए नए एंटी स्कैम टूल लॉन्च किए हैं। इनमें WhatsApp पर डिवाइस लिंकिंग संबंधित वॉर्निंग और फेसबुक पर संदिग्ध फ्रेंड रिक्वेस्ट के लिए अलर्ट शामिल है। आज के समय में ऑनलाइन स्कैम दुनिया भर में यूजर्स को निशाना बना रहे हैं और भारत इसमें सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है। ऐसे में मेटा का ये कदम प्रभावकारी होने वाला है।
मेटा ने वॉट्सऐप और फेसबुक और मैसेंजर पर स्कैम से बचाव के लिए नए एंटी स्कैम प्रोटेक्शन का सूट पेश किया है। जिससे यूजर्स को संदिग्ध एक्टिविटी से सावधान करता है और फ्रॉड एक्टिविटी होने से पहले रोकने में मदद करने के लिए डिजाइन किया गया है। खास तौर पर अनधिकृत डिवाइस लिंकिंग और फ्रॉड फ्रेंड रिक्वेस्ट जैसी एख्टिवीट को रोकने में मददगार है।
मेटा के अनुसार, ये नए टूल मेटा केस्कैम एक्टिविटी को रोकने के प्रयासों का हिस्सा हैं। बता दें कि, कंपनी ने बीते साल ग्लोबल स्तर पर 159 मिलियन से ज्यादा स्कैम वाले एड को हटाया था, जिसमें से 92 प्रतिशत को किसी भी यूजर्स द्वारा रिपोर्ट से पहले ही हटा दिया गया था। मेटा ने अकेले भारत में 2025 में 12.1 मिलियन से ज्यादा स्कैम वाले
WhatsApp डिवाइस लिंकिंग वार्निंग
स्कैमर यूजर्स को अपने वॉट्सऐप अकाउंट को अपने डिवाइस से लिंक करने के लिए बरगलाने की कोशिश कर सकते हैं। जैसे कि वो यूजर्स से उनका फोन नंबर शेयर करने के लिए कह सकते हैं, जिसके बाद आपके वॉट्सऐप पर एख डिवाइस लिंकिंग कोड भेजा जा सकता है। इसके अलावा झूठे बहाने से QR कोड स्कैन करने के लिए कह सकते हैं जिससे स्कैमर का डिवाइस यूजर्स के अकाउंट से लिंक हो जाएगा।
WhatsApp अब यूजर्स को तब अलर्ट करेगा जब किसी लिंकिंग रिक्वेस्ट के संदिग्ध होने के संकेत मिलेंगे। ये अलर्ट यूजर्स को बताएंगे कि रिक्वेस्ट कहां से आ रही है और चेतावनी देंगे कि ये एक स्कैम हो सकता है। जिससे यूजर्स को आगे बढ़ने से पहले रुककर दोबारा सोचने का मौका मिलेगा। WhatsApp पर अपने डिवाइस को लिंक करते हुए सुरक्षित रहने के और तरीकों के लिए वॉट्सऐप हेल्प सेंटर पर जाना है।
फेसबुक अलर्ट फॉर ससपिशियज फ्रेंड रिक्वेस्ट
मेटा फेसबुक पर नए अलर्ट की टेस्टिंग कर रहा है जिससे यूजर्स को संदिग्ध अकाउंट से सावधान रहने में मदद मिल सकती है। जब यूजर्स किसी ऐसे अकाउंट से रिक्वेस्ट भेजते या रिसिव करते हैं जिसमें संदिग्ध एक्टिविटी के कुछ संकेत नजर आते हैं, जैसे कि जब यूजर्स के और उनके बीच बहुत कम कॉमन फ्रेंड्स हों या उन्होंने अपनी प्रोफाइल में किसी दूसरी देश का एड्रेस दिया हो तो यूजर्स को एक अलर्ट नजर आएगा, जिससे यूजर्स सोच-समझकर फैसला ले सकते हैं और संदिग्ध रिक्वेस्ट को ब्लॉक या रिजेक्ट कर सकते हैं।