Middle East Crisis: निवेशकों के लिए Safe Haven बना सोना, Share Market में बड़ी गिरावट

By Ankit Jaiswal | Mar 02, 2026

अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर बड़े हमले किए जाने के बाद निवेशकों ने सुरक्षित निवेश की ओर रुख किया, जिसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में जोरदार उछाल देखा गया है। मौजूद जानकारी के अनुसार स्पॉट गोल्ड की कीमत करीब 2 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 5,390 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई, जो जनवरी के बाद का उच्चतम स्तर है। वहीं अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में भी करीब 3 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है।


गौरतलब है कि इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत की खबर ने बाजारों में भूचाल ला दिया। इससे मध्य पूर्व में व्यापक युद्ध की आशंका गहरा गई है। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए तेल आपूर्ति बाधित होने की संभावना ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। बता दें कि यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है।


इजरायली बलों ने तेहरान में सैन्य और कमांड ढांचे को निशाना बनाया, जिसके जवाब में ईरान ने भी मिसाइल हमले किए। इस घटनाक्रम के बाद वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखा गया। ऐसे माहौल में सोना पारंपरिक सुरक्षित निवेश के रूप में फिर से आकर्षण का केंद्र बन गया है।


विश्लेषकों का मानना है कि यदि क्षेत्रीय तनाव और बढ़ता है या ऊर्जा आपूर्ति में बाधा आती है तो सोने की कीमतों को और सहारा मिल सकता है। बढ़ती तेल कीमतें महंगाई की आशंकाओं को जन्म देती हैं, जबकि वास्तविक ब्याज दरों में सीमित बढ़ोतरी भी सोने के पक्ष में माहौल बनाती है।


कुछ बाजार रणनीतिकारों ने संकेत दिया है कि 5,400 डॉलर प्रति औंस का स्तर अहम माना जा रहा है। यदि तेजी बरकरार रहती है तो कीमतें साल के अंत तक 6,000 डॉलर प्रति औंस तक भी पहुंच सकती हैं। बता दें कि इस वर्ष अब तक सोना करीब 25 प्रतिशत तक चढ़ चुका है, जिसका मुख्य कारण भू-राजनीतिक जोखिम, केंद्रीय बैंकों की खरीद और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की संभावित नरम मौद्रिक नीति है।


अन्य कीमती धातुओं में भी हलचल देखी गई। चांदी की कीमतों में करीब 2.5 प्रतिशत की तेजी आई, जबकि प्लेटिनम में मामूली गिरावट दर्ज की गई। औद्योगिक धातुओं में कॉपर की कीमतें सीमित दायरे में रहीं।


मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों को फिर से अनिश्चितता के दौर में धकेल दिया है। जब तक हालात स्पष्ट नहीं होते, सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग मजबूत बनी रह सकती है और निवेशक जोखिम वाले एसेट से दूरी बनाए रख सकते हैं।

All the updates here:

प्रमुख खबरें

Khamenei पर भारत की चुप्पी के गहरे मायने, PM Modi ने साधे US-Israel समेत कई समीकरण

AI से बने फर्जी Case Law पर Supreme Court सख्त, Trial Court को लगाई कड़ी फटकार

Iran Crisis का असर: Crude Oil में उबाल, आपकी जेब पर पड़ेगी महंगाई की बड़ी मार

Middle East में बढ़ा तनाव, Crude Oil की कीमतों से Corporate India पर मंडराया बड़ा आर्थिक संकट।