By दिव्यांशी भदौरिया | Mar 22, 2026
हर महीने महिलाओं का पीरियड्स आना एक बायोलिजिकल प्रक्रिया है। वैसे महिला की सेहत काफी हद तक मेंस्ट्रुअल साइकिल पर निर्भर करती है। गौरतलब है कि भागदौड़ भरी जिंदगी और तनाव के कारण अक्सर पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं। खराब खान-पान और बढ़ता हुआ तनाव अक्सर हार्मोंस के बैलेंस को बिगाड़ देते हैं। इसका सीधा असर पीरियड्स पर पड़ता है। जब आपके पीरियड्स एक या दो महीने तक नहीं आते हैं, तब मन में घबराहट और चिड़चिड़ापन महसूस होने लगता है। अगर आपके दो महीने तर पीरियड्स नहीं आए, तो यह आर्टिकल सिर्फ आपके लिए है।
हल्दी वाला गुनगुना दूध
- खासतौर पर हल्दी को मसाला माना जाता है लेकिन यह औषधि से कम नहीं है। यह एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होती है और हार्मोंस को रेगुलेट करते हैं।
- रोज रात को सोने से पहले एक गिलास गुनगुने दूध में चुटकी भर हल्दी मिलाकर पिएं।
- यह शरीर में गर्मी पैदा करता है और साइकिल को सुचारु करता है।
कच्चा पपीता
- रुके हुए पीरियड्स को वापस लाने के लिए कच्चा पपीता सेवन करना सबसे जरुरी है और असरदार माना जाता है।
- पपीता में पेपेन नामक तत्व होता है जो यूट्रस की मसल्स में संकुचन उत्पन्न करता है, जिससे पीरियड्स शुरु होने में मदद मिलती है।
तिल और गुड़
- तिल की तासीर गर्म होती है और गुड़ शरीर में आयरन की कमी को पूरा करता है।
- एक चम्मच भुने हुए तिल को थोड़े से गुड़ के साथ मिलाएं।
- यह आपके शरीर के तापमान को संतुलित करता है और रुके हुए फ्लो को फिर से एक्टिव करता है।
अजवाइन और गुड़ का पानी
- अजवाइन केवल पेट की गैस को दूर करने में ही सहायक नहीं होती, बल्कि यह गर्भाशय (यूट्रस) को साफ रखने में भी लाभकारी मानी जाती है।
- एक गिलास पानी लें और उसमें आधा चम्मच अजवाइन के साथ थोड़ा सा गुड़ मिलाकर अच्छे से उबाल लें।
- इस काढ़े को आप सुबह खाली पेट पी सकते हैं, जो काफी फायदेमंद होगा।
दालचीनी की चाय
- दालचीनी शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करती है, जो कि PCOD या PCOS का मुख्य कारण होता है।
- यह मेंस्ट्रुअल साइकिल को रेगुलेट करने में मदद करता है।
- आप इस पाउडर के रुप में चाय में उबालकर ले सकती हैं।