US Airstrikes on Iran | 7 घंटे तक बरसीं मिसाइलें, ईरानी तटीय रक्षा प्रणालियां ध्वस्त, ईरान के खिलाफ अमेरिकी सेना की बड़ी कार्रवाई

By रेनू तिवारी | Jul 15, 2026

अमेरिकी सेना ने बुधवार तड़के कहा कि उसने ईरान को निशाना बनाकर किए जा रहे ताजा दौर के हमले समाप्त कर दिए हैं। ये हमले ऐसे समय में किए गए, जब अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने का प्रयास कर रहे पोतों पर ईरान के हमलों के बाद उसके खिलाफ फिर से नौसैनिक नाकेबंदी कर दी। मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने बुधवार तड़के घोषणा की कि उसने ईरान को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों के ताजा दौर को पूरा कर लिया है। अमेरिका की यह सैन्य कार्रवाई उस वक्त सामने आई है, जब उसने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों पर ईरानी हमलों के जवाब में ईरान के खिलाफ फिर से नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर दी है। दूसरी ओर, ईरान के शक्तिशाली अर्द्धसैनिक बल 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' ने इस कार्रवाई के विरोध में क्षेत्र से ऊर्जा निर्यात (Energy Exports) रोकने की खुली धमकी दी है।

अमेरिकी सेना की 'यूएस सेंट्रल कमान' (CENTCOM) द्वारा जारी बयान के अनुसार, ईरान के खिलाफ सैन्य एक्शन करीब सात घंटे तक चला। इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य ईरान की आक्रामक क्षमताओं को पंगु बनाना था।

अमेरिकी हमलों में मुख्य रूप से इन ठिकानों को निशाना बनाया गया:

ईरान के मिसाइल और ड्रोन लॉन्चिंग पैड।

तटीय रक्षा प्रणालियां (Coastal Defense Systems)।

ईरानी नौसेना के रणनीतिक संसाधन और ठिकाने

अमेरिकी रक्षा अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों में जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बेहद जरूरी थी। हालांकि, इस भीषण हमले में ईरान को कितना जान-माल का नुकसान हुआ है, इसकी आधिकारिक जानकारी ईरान की तरफ से तत्काल जारी नहीं की गई है।

क्यों शुरू हुआ ताजा विवाद?

इस सैन्य टकराव की मुख्य वजह 'होर्मुज जलडमरूमध्य' है, जो वैश्विक तेल व्यापार के लिए सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता माना जाता है। पिछले कुछ समय से ईरान इस मार्ग से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक पोतों (शिप्स) को लगातार निशाना बनाने का प्रयास कर रहा था। जहाजों की सुरक्षा को खतरे में देखते हुए अमेरिका ने सख्त कदम उठाया और ईरान की नौसैनिक नाकेबंदी कर दी, जिससे बौखलाए ईरान और अमेरिका के बीच यह सीधा टकराव शुरू हो गया।

ईरान की 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' ने दी वैश्विक संकट की धमकी

अमेरिकी हमलों के बाद ईरान के तेवर भी बेहद तल्ख हैं। ईरान के अर्द्धसैनिक बल 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर यह नाकेबंदी और हमले तुरंत नहीं रुके, तो वे इस पूरे क्षेत्र से होने वाले वैश्विक ऊर्जा और कच्चे तेल के निर्यात को पूरी तरह ठप कर देंगे। यदि ईरान अपनी इस धमकी पर आगे बढ़ता है, तो दुनिया भर में तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है, जिससे एक नया वैश्विक आर्थिक संकट खड़ा होने की आशंका है।

फिलहाल इस क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना पूरी तरह मुस्तैद है और दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है।

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