By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 30, 2026
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि सरकार उन ‘मियाओं’ को राज्य में काम करने से रोक नहीं सकती, जो 1951 से पहले आए थे। शर्मा ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के सभी ठेकेदारों को निर्देश दिया है कि भविष्य की परियोजनाओं में कम से कम 50 प्रतिशत स्थानीय युवाओं को रोजगार दिया जाए। उन्होंने यह भी दावा किया कि असम और अन्य क्षेत्रों में विकास कार्यों को देखकर पिछले 20-30 वर्षों में बांग्लादेशी मियां आने लगे हैं।
मियां मूल रूप से असम में बांग्ला भाषी मुसलमानों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक अपमानजनक शब्द है। शर्मा ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘अगर कोई मियां 1951 से पहले आया था, तो हम उसे यहां काम करने से नहीं रोक सकते। हम भी तर्कसंगत लोग हैं, लेकिन पिछले 20-30 वर्षों में, यहां विकास कार्यों को देखकर ‘मियां’ असम में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे हैं। अगर हम उन्हें रोकते हैं, तो वे कोलकाता और बंगाल से प्रवेश कर जाते हैं।’’ उन्होंने कहा कि अगर जनता और सरकार अर्थव्यवस्था की रक्षा कर सकें, तो मियां लोगों को यहां कोई मौका नहीं मिलेगा।