By अभिनय आकाश | Sep 01, 2026
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक से आई यह तस्वीर इस वक्त खूब चर्चा में हैं। एसईओ समिट के दौरान पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिमपिंग आमने-सामने थे। दोनों नेताओं ने एक दूसरे का अभिवादन किया और हाथ मिलाया। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब भारत और चीन के रिश्ते पिछले कुछ सालों से तनाव के दौर से गुजरे। ऐसे में एसइओ के मंच पर मोदी और जिनपिंग की मुलाकात को अहम माना जा रहा है। आपको बता दें पीएम मोदी कल ही बिश्केक पहुंचे थे। आज वह एसइओ के 26वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे। समिट की शुरुआत से पहले संगठन के सदस्य देशों के नेता ग्रुप फोटो के लिए एक साथ जुटे। इस दौरान पीएम मोदी की मुलाकात चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन समेत कई नेताओं से हुई।
भारत और पाकिस्तान 2017 में इसके पूर्ण सदस्य बने। इसके बाद ईरान 2023 और बेलारूस 2024 में संगठन में शामिल हुआ। फिलहाल एसइओ में कुल 10 सदस्य देश हैं। एसईओ का मकसद सदस्य देशों के बीच आपसी भरोसा और सहयोग बढ़ाना, क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को मजबूत करना और सुरक्षा, आर्थिक विकास, व्यापार और दूसरे क्षेत्रों में मिलकर काम करना है। संगठन के मंच पर सदस्य देश साझा चुनौतियों और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत करते हैं।
बिश्केक में हो रही इस बैठक की अहमियत इसलिए बढ़ जाती है क्योंकि एक ही मंच पर भारत, चीन, रूस और पाकिस्तान जैसे देश मौजूद हैं। ऐसे समय में जब दुनिया कई बड़े संघर्षों और भू-राजनीतिक बदलावों से गुजर रही है। एसईओ की बैठक बातचीत और कूटनीति के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन जाती है। अब प्रधानमंत्री मोदी का जिमपिंग के साथ छोटा सा अभिवादन और पुतिन के साथ बैठक को इसी नजरिए से देखा जा रहा है। एक तरफ चीन के साथ रिश्तों में पुराना तनाव, दूसरी तरफ रूस यूक्रेन युद्ध को लेकर भारत लगातार शांति और बातचीत की पैरवी कर रहा है।