Modi ने बहुत समझाया, मगर नहीं माने Putin; PM की शांति की अपील के तुरंत बाद Russia ने Ukraine पर कर दिया भीषण हमला

By नीरज कुमार दुबे | Sep 01, 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को बहुत समझाया कि मानवता के हित में दुनिया को “अंतहीन युद्ध” से निकलकर “युद्ध के अंत” की ओर बढ़ना चाहिए। मोदी ने साफ कहा कि संघर्षों का समाधान संवाद और कूटनीति से ही संभव है। लेकिन मोदी की शांति अपील के कुछ ही घंटों बाद रूस के तेवर कुछ और ही दिखाई दिए। यूक्रेन की राजधानी कीव और उसके आसपास मंगलवार को फिर मिसाइलों और ड्रोन से भीषण हमले हुए, जिनमें कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई और एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। कीव पर यह लगातार छठे दिन हमला था।

इसे भी पढ़ें: BRICS 2026: क्या विस्तार के बाद Global Economy की दिशा बदल पाएगा भारत? 11 देशों के Leaders पर टिकी नजरें

आज तड़के रूसी हमलों ने कीव और आसपास के इलाकों में तबाही मचा दी। यूक्रेनी आपातकालीन सेवाओं के अनुसार, कीव में आठ लोगों की मौत हुई और पांच अन्य घायल हुए, जिनमें तीन बच्चे शामिल हैं। राजधानी के अलग-अलग इलाकों में आग लगने की घटनाएं भी सामने आईं। कीव क्षेत्र के बोरिस्पिल में मिसाइल और ड्रोन हमलों से एक अपार्टमेंट इमारत और एक व्यावसायिक प्रतिष्ठान को नुकसान पहुंचा। वहां एक व्यक्ति की मौत हुई और एक बच्चे समेत नौ लोग घायल हो गए। देखा जाये तो लगातार हो रहे रूसी हमलों ने कीव और आसपास के क्षेत्रों में लाखों लोगों की सामान्य जिंदगी बुरी तरह प्रभावित कर दी है। मंगलवार तड़के यूक्रेन के अधिकांश हिस्सों में एयर रेड अलर्ट जारी रहा और लोग संभावित हमलों के डर में रहे।

रूस ने सिर्फ यूक्रेनी शहरों को ही निशाना नहीं बनाया, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों, ऊर्जा और लॉजिस्टिक ढांचे पर भी हमले तेज किए हैं। मंगलवार को डेन्यूब नदी के किनारे स्थित ओरलिवका पर एक ताजा हमले के कारण रोमानिया के साथ सीमा पार गतिविधियां रुक गईं। रोमानिया यूरोपीय संघ और नाटो का सदस्य है, इसलिए इस हमले ने युद्ध के व्यापक क्षेत्रीय प्रभावों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

दूसरी ओर, रूस भी ड्रोन हमलों का सामना कर रहा है। रूस के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में स्थित उसके प्रमुख निर्यात केंद्र उस्त-लुगा के बंदरगाह क्षेत्र में ड्रोन हमले के बाद आग लगने की खबर है। मॉस्को ने भी ड्रोन हमलों को नाकाम करने की कार्रवाई की। रूस के समारा क्षेत्र में, जहां कई बड़े तेल रिफाइनरी प्रतिष्ठान हैं, वहां हवाई हमले से नागरिक सुविधाओं को नुकसान पहुंचने की बात स्थानीय प्रशासन ने कही है। हालांकि रूस और यूक्रेन दोनों ही एक-दूसरे पर नागरिक ठिकानों को जानबूझकर निशाना बनाने के आरोपों से इंकार करते रहे हैं।

इसी बीच शांति प्रयासों की कूटनीतिक हलचल भी जारी है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोमवार को कहा कि उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूतों स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के साथ “विस्तृत और रचनात्मक” बातचीत हुई है। यूक्रेन ने कहा कि शांति प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिकी प्रतिनिधियों की यूक्रेन यात्रा की तारीखों को अंतिम रूप देने पर काम चल रहा है।

इधर, प्रधानमंत्री मोदी ने 31 अगस्त को किर्गिजस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की। मोदी ने कहा कि दुनिया को मानवता के हित में अंतहीन युद्ध से युद्ध समाप्ति की दिशा में बढ़ना चाहिए। पुतिन ने जवाब में कहा कि मॉस्को भी “इसी रास्ते पर आगे बढ़ रहा है”, लेकिन उसके बाद यूक्रेन पर जारी हमलों ने शांति प्रक्रिया की गंभीर चुनौती को फिर उजागर कर दिया।

मोदी और पुतिन के बीच भारत-रूस विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा के साथ ही पश्चिम एशिया और काला सागर क्षेत्र के संघर्षों पर भी वार्ता हुई। भारत ने विशेष रूप से समुद्री व्यापार और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर चिंता जताई। दरअसल, हाल के महीनों में काला सागर क्षेत्र में भारतीय नाविकों पर रूसी और यूक्रेनी पक्षों की कार्रवाई का असर पड़ा है। मोदी ने एक बार फिर दोहराया कि संघर्षों के समाधान का रास्ता संवाद और कूटनीति ही है।

दोनों नेताओं की बातचीत में आगामी BRICS शिखर सम्मेलन भी प्रमुखता से शामिल रहा। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को 12-13 सितंबर को भारत में होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि वह उनका स्वागत करने को उत्सुक हैं।

पुतिन ने भारत-रूस संबंधों की मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि अगले वर्ष दोनों देशों के राजनयिक संबंधों की स्थापना के 80 वर्ष पूरे होंगे। उन्होंने बताया कि रूस में भारतीय छात्रों की संख्या पिछले एक दशक में लगभग सात गुना बढ़कर 40 हजार तक पहुंच गई है। रूस-भारत व्यापार में भी वृद्धि जारी है और 2025 में दोनों देशों के बीच पर्यटक आवाजाही में 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

बहरहाल, इन मजबूत कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों के बीच सबसे बड़ा सवाल अब भी वही है कि क्या पुतिन वास्तव में मोदी की शांति की अपील सुनेंगे? कीव पर लगातार छठे दिन हुए हमले ने फिलहाल इतना जरूर दिखा दिया है कि बातचीत की मेज पर शांति की बातें और युद्ध के मैदान की हकीकत अभी एक-दूसरे से काफी दूर हैं।

प्रमुख खबरें

देशभर में Paper Leak प्रदर्शन की FIR रद्द, Supreme Court के आर्टिकल 142 का उपयोग

Swara Bhasker ने पद्मावत की जौहर को बताया कायरता, भड़के लोग बोले- इतिहास का ज्ञान शून्य और संवेदनशीलता खत्म

एलडीएफ को कमजोर नहीं होने देगी भाकपा, बातचीत से सुलझेगा विवाद: बिनॉय विश्वम

Jammu-Kashmir में Medical Interns के Stipend बढ़ाने की मांग तेज, डॉक्टरों के प्रदर्शन के बाद Congress ने CM Omar को लिखा पत्र