China में एक ही कार में घूमते दिखे मोदी-पुतिन, इसे भेद नहीं सकती 7.62 mm की गोली, बम भी बेअसर

By अभिनय आकाश | Sep 01, 2025

शंघाई कार्पोरेशन सम्मेलन से एक से बढ़कर एक तस्वीर सामने आई है और हरेक तस्वीर में भारत की ताकत दिख रही है। इसमें चीन का साथ है और रूस के साथ सबसे मजबूत दोस्ती वाला हाथ है। इसी मजबूत दोस्ती की एक और तस्वीर सामने आई जो दुनिया के कई देशों और नेताओं को बेचैन कर सकती है। वो तस्वीर जो सोशल मीडिया पर इस वक्त शेयर की जा रही है, वो इस वक्त चर्चाओं का विषय बन चुकी है। रूस और भारत के नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक होनी थी। इस बैठक के लिए दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्ष एक साथ एक गाड़ी और एक काफिले में पहुंचे। ऐसा बहुत कम देखने को मिला है, जब किसी द्विपक्षीय बैठक के लिए दोनों पक्ष एक साथ बैठक के लिए पहुंचे हो। चीन के तियांनजिंग से सामने आई तस्वीर बेहद ही खास है। एससीओ की बैठके बाद प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन द्विपक्षीय बैठक के लिए एक साथ रवाना हुए। इस दौरान सबसे खास बात ये रही कि पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन एक  ही कार में निकले।

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पुतिन की इसी खास गाड़ी में पीएम मोदी भी उनके साथ सवार होकर बैठक वाली जगह पहुंचे। चीनी सरकार ने उनकी कार को डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट दी है। पुतिन की कार पर राजनयिक लाइसेंस प्लेट लगी थी। इस अनोखे कारपूल से पहले दिन में मोदी और पुतिन ने शिखर सम्मेलन स्थल पर एक-दूसरे का गर्मजोशी से स्वागत किया था। कैमरों ने इस गले मिलने की घटना को कैद कर लिया, जो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गई। मोदी ने बाद में एक्स पर इस पल को और भी विस्तार से बताते हुए लिखा: राष्ट्रपति पुतिन से मिलकर हमेशा खुशी होती है! 

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उनकी यह मुलाकात वैश्विक व्यापार और भू-राजनीति के एक संवेदनशील दौर में हो रही है। अधिकारियों ने बताया कि द्विपक्षीय वार्ता ऊर्जा साझेदारी, रक्षा सहयोग और व्यापक वैश्विक व्यवस्था पर केंद्रित होगी। मेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय निर्यात पर 50 प्रतिशत तक के भारी टैरिफ लगाए जाने के बीच, नई दिल्ली द्वारा रूस से सस्ते दामों पर कच्चा तेल खरीदने के कारण, ये चर्चाएँ और भी ज़ोर पकड़ रही हैं। ट्रंप के व्यापक संरक्षणवादी प्रयासों का हिस्सा रहे इन टैरिफों ने बाज़ारों को अस्थिर कर दिया है और शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की कार्यवाही पर भी इनका असर पड़ा है। 

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