By अभिनय आकाश | May 11, 2026
रूस यूक्रेन युद्ध के मोर्चे से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही। दरअसल यह एक ऐसी खबर है जिसने वाशिंगटन से लेकर दिल्ली और बीजिंग तक खलबली मचा दी और सवाल खड़े कर दिए कि क्या पुतिन ने युद्ध रोकने का मन बना लिया? क्या यूक्रेन की जिद में आगे रूस ने शांति का रास्ता चुन लिया? लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर पुतिन ने अचानक भारत और चीन का नाम इतनी प्रमुखता से क्यों लिया? दरअसल राष्ट्रपति पुतिन का एक बयान जिसमें उन्होंने कहा कि हमने अपने दोस्तों भारत और चीन के साथ मिलकर काम करना शुरू कर दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा कहा है कि यह युद्ध का युग नहीं है और ऐसा लगता है कि पुतिन ने अब इस बात को स्वीकार करना शुरू कर दिया है। चीन और भारत दो ऐसी महाशक्तियां हैं जो रूस के साथ सीधे संवाद में है और पुतिन ने इन्हें अपना मुकम्मल दोष बताकर पश्चिम को कड़ा संदेश भी दे दिया है। अब इस कहानी में एक और बड़ा ट्विस्ट आता है डोनाल्ड ट्रंप के नाम का। पुतिन ने बताया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीन दिनों के युद्ध विराम का प्रस्ताव रखा था। पुतिन ने ना केवल इस प्रस्ताव को स्वीकार किया बल्कि ट्रंप की तारीफ भी की। ट्रंप ने युद्ध विराम के साथ-साथ एक बड़ा कैदी विनियम प्रोग्राम भी प्रस्तावित किया है। जिसमें दोनों तरफ से एक 1000 कैदियों को रिहा किया जाएगा।