उरी पर नवाज की निकाली शराफत, पुलवामा पर इमरान के होश फाख्ता, पहलगाम पर मुनीर का मन किया शांत, सॉफ्ट नेशन वाली छवि से दूर नए भारत का एक्शन भरपूर

By अभिनय आकाश | May 07, 2025

रात क्या होती है पाकिस्तान से पूछो? आप तो सोए और सवेरा हो गया। रात के करीब सवा एक बजे का वक्त जब आधी दुनिया सो रही थी तो पाकिस्तान के आतंकियों का उनकी नियती से मिलन हो रहा था। आधी रात के वक्त भारत ने पाकिस्तान की नींद उड़ा दी और ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च कर दिया। जिन लोगों का सिंदूर आतंकियों ने मिटाने का प्रयास किया था। एक महिला से कहा था कि जाकर मोदी को बता देना कि तुम्हारे पति को मारा है। मोदी को पता लगा और अब तो पाकिस्तान समेत पूरी दुनिया को भी पता लग गया कि नमक स्वाद अनुसार अकड़ औकात अनुसार ही अच्छी लगती है। वैसे भी मोदी जी ने तो पहले ही अपने एक बयान में साफ कर दिया था कि मुझमें रिस्क लेने की क्षमता औरों से ज्यादा है। हिंदुस्तान के लोगों के लिए खामोश हूं लेकिन ये भावनाएं आएंगी तो हिसाब होगा। हिसाब हुआ भी और ऐसा कि बम आतंकियों के अड्डे पर गिरे लेकिन धड़कने पाकिस्तान की सरकार और सेना की थमने लगी। 140 करोड़ भारतीयों को ऑपरेशन सिंदूर नाम भी अच्छा लगा और भारतीय सेना ने जो किया वो काम भी अच्छा लगा। 

इसे भी पढ़ें: ISI और पुलिस करा रही आतंकियों का अंतिम संस्कार, बिलाल आतंकी कैंप चीफ याकूब मुगल के जनाजे का हैरान करने वाला दृश्य

तीन बार तीन अलग प्रधानमंत्रियों को दिखाई औकात 

कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान ने जो कुछ भी किया था उसके बाद भारत मायूस था। उम्मीद कर रहा था। आज पूरा देश अपने प्रधानमंत्री को धन्यवाद अदा कर रहा है। पाकिस्तान के घर में घुसकर एक, दो नहीं बल्कि तीन-तीन बार तीन अलग अलग प्रधानमंत्रियों को उनकी औकात दिखा दी। उरी हमले के बाद नवाज शरीफ को धूल चटाया। पुलवामा किया तो इमरान खान के शासनकाल में जमीन की बजाए आसमान से घुसकर ऐसा तांडव मचाया कि सेना से लेकर सरकार तक के पैर कांपने लग गए। पहलगाम के बाद जो हिंदुस्तानियों में जो गुस्सा भरा था, उस गुस्से को समझकर, समय लेकर पाकिस्तान को वो जख्म दिया जिसका देश इंतजार कर रहा था। सिंदूर का बदला आतंकवादियों के खून से लिया गया। 22 अप्रैल को जो आतंकियों की चेतावनी थी सात मई को उस चेतावनी का हिसाब चुकता हो गया। 9 मिसाइलों की गर्जना के बाद रावलपिंजी से लेकर बहावलपुर, मुजफ्फराबाद, मीरपुर हर ठिकाने को राख में तब्दील कर दिया। पाकिस्तान की धरती पर आतंकवादियों के अड्डे को मटियामेट कर दिया। 

पीएम बदलते रहे लेकिन आतंकवाद का रवैया नहीं बदला

मोदी जी ने कहा था कि इस बार पुलवामा और उरी के हमले के बाद जो प्रहार हुआ था उससे बहुत बड़ा प्रहार होगा। फिर ऑपरेशन सिंदूर की खबर आने के बाद भारतीय फौज के लिए सम्मान बढ़ा है और मोदी जी के लिए हर देशवासियों के दिल से शुक्रिया निकल रहा है। पाकिस्तान वो मुल्क है जहां प्रधानमंत्री तो बदलते रहते हैं लेकिन आतंकवाद को बदलने की नीति नहीं बदलती। नवाज शरीफ आए तो भारत ने उरी का दंश झेला। इमरान खान के आने पर पुलवामा जैसी साजिश को अंदाज दिया गया। शहबाज शरीफ ने पहलगाम दिया। हर बार पाकिस्तान की वही कहानी है। आतंकवाद शिविर अपने घरों में लगाते हैं। हिंदुस्तान पर हमला करते हैं। उसके बाद भारत रिएक्ट करता है तो दुनिया के सामने हम निर्षोष हैं का गाना गाते हैं। 

इसे भी पढ़ें: पहले पाक में 100 किमी अंदर घुसकर मचाया तांडव, फिर हिंदू-मुस्लिम एंगल को किया ध्वस्त, भारत का ऑपरेशन सिंदूर वाला एक्शन क्या है UNO चार्टर के अनुरूप

1971 के बाद पाक के पंजाब प्रांत में टारगेटेड अटैक

मीडिया रिपोर्ट बताते हैं कि यह पहली बार है जब 1971 के बाद से पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में ठिकानों पर हमला किया गया है। ऑपरेशन सिंदूर बड़ा और अनोखा था क्योंकि पंजाब में चार आतंकी शिविरों पर भारतीय सेना ने हमला किया था। वे मरकज सुभान अल्लाह कैंप (बहावलपुर जिले में), मरकज तैयबा कैंप (शेखपुरा जिले में), महमूना जोया कैंप (सियालकोट जिले में) और सरजल कैंप (सियालकोट जिले में) थे। 2016 के उरी सर्जिकल स्ट्राइक में नियंत्रण रेखा के पार स्थित शिविरों को निशाना बनाया गया था, जबकि पुलवामा के बाद के हमलों में नियंत्रण रेखा के पार तथा खैबर-पख्तूनख्वा में स्थित ठिकानों को निशाना बनाया गया था। जबकि ख़ैबर-पख़्तूनक्वा पाकिस्तान के चार प्रांतों में से एक है, पंजाब में पाकिस्तान के नागरिक और सैन्य प्रतिष्ठान हैं, जो भारत के खिलाफ़ आतंकी युद्ध छेड़ता है। जबकि पाकिस्तानी सेना का मुख्यालय रावलपिंडी में है, इस्लामाबाद, जो एक संघीय प्रशासित क्षेत्र है, पंजाब की सीमा पर है। दोनों शहर सिर्फ़ 15 किलोमीटर की दूरी पर हैं।

एस-400 को किया गया एक्टिवेट 

राफेल की दहाड़ से पूरा पाकिस्तान दहल उठा। इमरजेंसी मीटिंग के बाद पास्तान ने ये फैसला किया है कि हिंदुस्तान ने जो हमला किया उसका वो जवाब देगा। लेकिन हिंदुस्तान से एक और बड़ी खबर आ रही है कि तमाम एयर डिफेंस सिस्टम को बॉर्डर पर तैनात कर दिया गया है। कोई परिंदा भी पाकिस्तान क तरफ से पर मारने की कोशिश करेगा वो हिंदुस्तान में दाखिल नहीं हो पाएगा। एस-400 को भी एक्टिवेट कर दिया गया है। एलओसी के ऊपर काफ गोलाबारी की खबर आ रही है। कहा तो ये भी जा रहा है कि करीब 25-30 जगहों पर पाकिस्तानी सेना ने अपने पोस्ट को छोड़कर भाग रहे हैं। हर गोले का जवाब 10 गोले से दिया जा रहा है। 

सॉफ्ट नेशन से इतर नए भारत की छवि

सॉफ्ट नेशन की धारणा का मतलब है कि एक देश अपनी विदेश नीति में पर्याप्त रूप से आक्रामक या दृढ़ नहीं है। विशेष रूप से आतंकवाद और पड़ोसी देशों जैसे पाकिस्तान के साथ संबंधों में भारत बिल्कुल भी दृढ़ नहीं रहा है। गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) में भारत की भूमिका और वैश्विक संघर्षों में तटस्थता ने इसे सैन्य आक्रामकता से दूर एक ‘नरम’ देश के रूप में प्रस्तुत किया। भारत को सॉफ्ट नेशन का दर्जा ऐतिहासिक शांतिवाद, संयमित कूटनीति, और सीमित सैन्य आक्रामकता के कारण मिला। हालांकि, 21वीं सदी में भारत की नीतियों, सैन्य कार्रवाइयों, और वैश्विक प्रभाव में बदलाव ने इस धारणा को काफी हद तक कमजोर किया है। 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक, 2019 की बालाकोट हवाई हमले, और 2025 का ‘ऑपरेशन सिंदूर’ आतंकवाद के खिलाफ भारत के आक्रामक रुख को दर्शाते हैं। भारत की स्वतंत्रता गांधीवादी अहिंसा और सत्याग्रह के सिद्धांतों पर आधारित थी, जिसने विश्व में भारत को शांतिप्रिय राष्ट्र के रूप में स्थापित किया। 

For detailed delhi political news in hindi   

All the updates here:

प्रमुख खबरें

Team India से हार पर Pakistan के Dressing Room में मातम, कोच Mike Hesson ने खोला हर राज

Maharashtrian Nose Pin: Traditional Look का नया Fashion, Wedding Season में ट्राय करें ये 5 महाराष्ट्रीयन नथ Designs

65 देशों के मेहमान, भारत मेजबान, अब तक की सबसे बड़ी AI समिट से आम आदमी को क्या फायदा है? 10 सवालों के जवाब यहां जानें

T20 World Cup में Abhishek Sharma फ्लॉप, Ravi Shastri ने दिया वापसी का Success Mantra