By नीरज कुमार दुबे | May 18, 2026
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील के बाद लोग तमाम तरह के कदम उठा रहे हैं। इसी कड़ी में जम्मू में अब पारम्परिक घोड़ा-तांगे एक बार फिर लोकप्रिय हो रहे हैं। कभी आम लोगों की सवारी रहे पारंपरिक घोड़ा-तांगे का उपयोग फिर से जनता के बीच तो होने ही लगा है साथ ही हाल ही में राज्य सरकार में मंत्री सतीश शर्मा ने भी तांगे की सवारी की। हम आपको बता दें कि तांगे आजादी से पहले जम्मू और सियालकोट के बीच यात्रियों को लाने-ले जाने का काम करते थे और सात दशक से अधिक समय से सीमावर्ती आरएस पुरा के इलाकों में इनका इस्तेमाल जारी है। अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे गांवों में स्थानीय लोग और पर्यटक दोनों ही मनोरंजन, सीमा पर्यटन और कम दूरी की आवाजाही के लिए इस पर्यावरण-अनुकूल सवारी को पसंद कर रहे हैं।
देखा जाये तो तांगों के प्रति यह बढ़ता रुझान ऐसे समय में देखने को मिल रहा है, जब ईंधन बचाने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं जिसके तहत वाहनों का इस्तेमाल कम करने और पेट्रोल-डीजल की बजाय अन्य वैकल्पिक ईंधन वाले साधन अपनाने को लेकर जागरुकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। सीमावर्ती क्षेत्र में आए कई पर्यटकों ने भी इस पारंपरिक सवारी की वापसी का स्वागत किया है। वहीं तांगे की सवारी कर रहे मंत्री सतीश शर्मा ने कहा है कि सबको इसका इस्तेमाल करना चाहिए।