By अंकित सिंह | Nov 07, 2026
भारतीय तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी ने शुक्रवार को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी, जिससे उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर का एक अहम अध्याय समाप्त हो गया। इस अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट के ज़रिए अपने इस फ़ैसले की जानकारी दी। उन्होंने क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप में अपने सफ़र को याद किया और उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया, जो इस दौरान उनके साथ खड़े रहे। शमी ने उस दिन को याद करते हुए लिखा कि जब मैंने पहली बार भारत की टेस्ट जर्सी पहनी थी, तब मेरा बस एक ही सपना था - अपने देश के लिए कुछ कर दिखाने का।
35 वर्षीय शमी ने कहा कि हर विकेट, संघर्ष, चोट और वापसी ने उन्हें जीवन के ज़रूरी सबक सिखाए हैं। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट को महज़ एक प्रारूप से कहीं बढ़कर बताया। उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट मेरे लिए सिर्फ एक फॉर्मेट नहीं था; यह मेरी ज़िंदगी का एक बहुत ही खास हिस्सा था। भारी मन और अनगिनत सुनहरी यादों के साथ अपने फैसले की घोषणा करते हुए, शमी ने अपने साथियों, कोचों, परिवार और उन लाखों भारतीय समर्थकों का आभार जताया, जिन्होंने अच्छे और बुरे, हर समय उन पर भरोसा बनाए रखा।
उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) को भी धन्यवाद दिया, जिन्होंने उनकी प्रतिभा पर भरोसा किया, उन्हें मौके दिए और उनके क्रिकेट सफर में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने लिखा कि भले ही मैंने अपनी आखिरी टेस्ट गेंद फेंक दी हो, लेकिन भारत के लिए खेलने का गर्व मेरे दिल में हमेशा जिंदा रहेगा। दिल से आभार जताते हुए, शमी ने अपनी बात खत्म की: "धन्यवाद, टेस्ट क्रिकेट।" उनके संन्यास के साथ ही पारंपरिक फॉर्मेट में उनके सफर का अंत हो गया है, जबकि भारत की सफेद जर्सी में उनके शानदार प्रदर्शन की यादें हमेशा उनकी क्रिकेट विरासत का एक अहम हिस्सा बनी रहेंगी।
शमी ने नवंबर 2013 में ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया। उन्होंने भारत के लिए कुल 64 टेस्ट मैच खेले, जिनमें 27.71 की औसत से 229 विकेट लिए। उनके नाम छह बार एक पारी में पांच या उससे अधिक विकेट लेने का कारनामा दर्ज है, और उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन इंग्लैंड के खिलाफ 56 रन देकर 6 विकेट लेना रहा। अपनी तेज गति, रिवर्स स्विंग और पुरानी गेंद से मूवमेंट निकालने की क्षमता के लिए मशहूर शमी, हर तरह की परिस्थितियों में भारतीय गेंदबाजी आक्रमण का एक अहम हिस्सा बन गए। उन्होंने भारत के विदेशी दौरों - खासकर ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका में - बेहद अहम भूमिका निभाई और जसप्रीत बुमराह के साथ मिलकर एक शानदार जोड़ी बनाई।