By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 07, 2026
कोलकाता, सात नवंबर भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की है जबकि वह सफेद गेंद के प्रारूपों में खेलते रहेंगे। अपने 13 साल के टेस्ट कैरियर में शमी ने 64 मैचों में 229 विकेट लिये और भारत के लिये वह पारंपरिक प्रारूप में छठे सबसे सफल तेज गेंदबाज रहे। उनसे अधिक विकेट कपिल देव (434), जहीर खान , ईशांत शर्मा (दोनों 311), जवागल श्रीनाथ (236) और जसप्रीत बुमराह (234) ने लिये हैं।
छत्तीस बरस के शमी चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 के बाद से भारतीय टीम से बाहर हैं। उन्होंने शुक्रवार को देर रात इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा ,‘‘ मैं सफेद जर्सी छोड़ रहा हूं लेकिन इससे जुड़ी यादों को नहीं। जब मैने पहली बार भारत की जर्सी पहनी थी तो एक ही सपना था, देश के लिये खेलना।
हर विकेट, हर संघर्ष, हर चोट और हर वापसी ने मुझे कुछ न कुछ सिखाया है।’’ उन्होंने आगे लिखा ,‘‘टेस्ट क्रिकेट मेरे लिये एक प्रारूप ही नहीं बल्कि मेरे जीवन का खास हिस्सा है। मैं आज भारी मन से असंख्य खूबसूरत यादों के साथ टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले रहा हूं।’’ उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले स्थित अपने गांव साहसपुर अलीनगर में अपने फार्महाउस से जारी वीडियो में शमी ने अपने टेस्ट कैरियर की यादें भी ताजा की। उन्होंने कहा ,‘‘ यह 13 साल लंबा सफर रहा।
इस गांव से शुरूआत हुई , मैने काफी मेहनत की, कई उतार चढाव देखे और छह नवंबर को ही मुझे टेस्ट कैप और लाल गेंद मिली थी।’’ भारत के लिये टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले 279वें खिलाड़ी बने शमी ने कहा कि इस प्रारूप ने एक क्रिकेट के रूप में उन्हें पहचान दी। उन्होंने कहा ,‘‘ काफी मेहनत के बाद मुझे यह कैप मिली। मैने इस सफर के 13 साल पूरे किये।
इस कैप और लाल गेंद ने मुझे मोहम्मद शमी बनाया। काफी उतार चढाव भी देखे। लेकिन मैने इस कैप और गेंद के लिये हर बार वापसी की।’’ अपने कोचों, ट्रेनर और प्रशंसकों को भी उन्होंने धन्यवाद दिया।
शमी ने वेस्टइंडीज के खिलाफ ईडन गार्डंस पर छह नवंबर 2013 को टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। उन्होंने 27 . 71 की औसत से 229 विकेट लिये जिनमें छह बार पारी के पांच या अधिक विकेट शामिल हैं। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के 2018 के दौरे पर जोहानिसबर्ग टेस्ट में 28 रन देकर पांच विकेट लिये थे।
इसके बाद अगले दौरे पर उन्होंने सेंचुरियन टेस्ट में आठ विकेट लिये। शमी ने आखिरी टेस्ट 2023 विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल आस्ट्रेलिया के खिलाफ लाडर्स पर खेला था। लगातार चोटों ने उनके कैरियर को प्रभावित किया लेकिन वह सीमित ओवरों में भारतीय टीम का अहम हिस्सा रहे।
शमी ने कहा कि टेस्ट से संन्यास से उनके कैरियर पर विराम नहीं लगा है बल्कि वह सीमित ओवरों के प्रारूपों में खेलते रहेंगे। उन्होंने कहा ,‘‘ मुझे छह नवंबर को टेस्ट कैप मिली थी और मैं उसी दिन इस सफर को खत्म करना चाहता था लेकिन मैं सीमित ओवरों के प्रारूप में खेलता रहूंगा , चाहे घरेलू स्पर्धायें हो या आईपीएल।’’