By अंकित सिंह | Feb 17, 2026
मंगलवार को रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में मोहम्मद शमी ने तेज गेंदबाजी का शानदार प्रदर्शन करते हुए जम्मू-कश्मीर को ध्वस्त कर दिया। इस प्रदर्शन को देखकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की चयन समिति का ध्यान जरूर आकर्षित होगा। उन्होंने आठ विकेट लेकर (8/90) जम्मू-कश्मीर को धूल चटा दी। कल्याणी स्थित बंगाल क्रिकेट अकादमी ग्राउंड में बंगाल की ओर से खेलते हुए शमी ने साबित कर दिया कि उनकी फिटनेस और लय अपने पुराने चरम पर लौट आई है। उनकी गेंदबाजी में अचूक सटीकता, लेट स्विंग और उनकी खास सीम गेंदबाजी का अनूठा संगम था, जिसने उन्हें दुनिया के सबसे खतरनाक लाल गेंद गेंदबाजों में से एक बना दिया है।
शमी ने जम्मू-कश्मीर के शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को आउट किया, जहां उन्होंने सुबह की नमी का फायदा उठाया। इसके अलावा, अब्दुल समद (82) और कप्तान पारस डोगरा (58) की अगुवाई में मध्य क्रम के बल्लेबाजों ने भी जोरदार वापसी की। शमी ने ही अहम विकेट लिए, ठीक उसी समय जब जम्मू-कश्मीर मैच में मजबूत स्थिति में दिख रहा था। यह प्रदर्शन एक महत्वपूर्ण मोड़ पर आया है। 2023 वनडे विश्व कप के समापन के बाद से चोट और उसके बाद फिटनेस संबंधी चिंताओं के कारण टीम से बाहर रहे शमी की घरेलू क्रिकेट में वापसी धीमी गति से हुई है। सीजन की शुरुआत में उन्होंने गुजरात और सर्विसेज के खिलाफ पांच-पांच विकेट लिए थे, लेकिन यह 8 विकेट का प्रदर्शन अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति को उनका सबसे कड़ा संदेश है।
भारत के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैलेंडर में 2026 में कई महत्वपूर्ण टेस्ट सीरीज शामिल हैं, जिनमें इंग्लैंड का संभावित दौरा भी शामिल है। ऐसे में शमी की शानदार फॉर्म में वापसी भारतीय टीम प्रबंधन के लिए एक बड़ी चुनौती है। घरेलू पिच पर लगातार तेज गति से गेंदबाजी करने और उछाल का लाभ उठाने की उनकी क्षमता यह साबित करती है कि वह एक बार फिर पांच दिवसीय क्रिकेट की चुनौतियों के लिए तैयार हैं।