By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 29, 2026
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शनिवार को आपराधिक मामलों में राज्य की दोषसिद्धि दर बढ़ाकर कम से कम 75 फीसदी किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने प्रदेश पुलिस को संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और जबरन वसूली से जुड़े मामलों को “कतई बर्दाश्त न करने” की नीति अपनाने का निर्देश दिया। भुवनेश्वर में राज्य स्तरीय डीजीपी और आईजीपी सम्मेलन में माझी ने ओडिशा में कानून-व्यवस्था की स्थिति, आंतरिक एवं तटीय सुरक्षा, साइबर अपराध और भविष्य की पुलिसिंग जरूरतों का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एनसीआरबी (राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो) के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में दोषसिद्धि दर अब सुधरकर 40 प्रतिशत से अधिक हो गई है, लेकिन इसे कम से कम 75 फीसदी तक बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया कि वे जांच को ज्यादा पेशेवर और प्रौद्योगिकी आधारित बनाएं, खासकर महिलाओं के खिलाफ हिंसा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में। माझी ने कहा कि उनकी सरकार ओडिशा को साल 2029 तक पूरी तरह से “नशा-मुक्त” बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि पुलिस को सिर्फ जब्ती और गिरफ्तारियों पर ध्यान देने के बजाय मादक पदार्थ की तस्करी के पीछे की पूरी आपूर्ति शृंखला और वित्तीय नेटवर्क को निशाना बनाना चाहिए।