By एकता | Sep 27, 2026
ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई को लेकर ईरानी मौलवी और विशेषज्ञों की सभा के सदस्य मोहसेन हैदरी ने बड़ा दावा किया है। कतर के टेलीविजन नेटवर्क अल अरबी को दिए इंटरव्यू में हैदरी ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के हमलों के दौरान मोजतबा खामेनेई घायल हुए थे और जिस अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, उस पर भी हमला हुआ था। उनके मुताबिक, मोजतबा को अस्पताल के मलबे से बाहर निकाला गया था। इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
हैदरी ने कहा, “घायल होने और अस्पताल ले जाने के बाद भी तेहरान के तीन अस्पतालों पर बमबारी की गई। मोजतबा खामेनेई तीसरे अस्पताल में थे और उन्हें मलबे से निकाला गया।”
मोजतबा खामेनेई की चोटों और मौजूदा स्थिति को लेकर अलग-अलग दावे सामने आते रहे हैं। वह लंबे समय से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं।
हैदरी ने मोजतबा खामेनेई के सर्वोच्च नेता चुने जाने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी। उनके मुताबिक, 8 मार्च को मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता चुना गया था और सरकारी टेलीविजन पर घोषणा होने तक खुद मोजतबा को भी अपने चयन की जानकारी नहीं थी।
ईरान के सर्वोच्च नेता का चुनाव करने वाली विशेषज्ञों की सभा के सचिवालय को भी हमले में निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, क़ुम स्थित सचिवालय पर हुए हमले में आठ लोगों की मौत हुई और नेतृत्व के चयन से जुड़े दस्तावेज नष्ट हो गए।
हैदरी ने बताया कि सभा के सदस्यों ने कागज पर अपना वोट दर्ज किया था। इसके बाद उन्हें एक गुप्त कमरे में बुलाया गया। उन्होंने कहा कि मोजतबा खामेनेई के नाम का प्रस्ताव सबसे पहले उन्होंने ही रखा था।
हैदरी के मुताबिक, मोजतबा खामेनेई को कुल 59 में से 50 वोट मिले। अयातुल्ला अलीरेजा अराफी को आठ वोट मिले, जबकि एक सदस्य ने मतदान से दूरी बनाई।
हैदरी ने कहा, “शत्रु की मंशा को देखते हुए अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई के अलावा कोई और सर्वोच्च मार्गदर्शक नहीं हो सकता। वे स्वस्थ हैं, धार्मिक योग्यता और देश चलाने की क्षमता रखते हैं।”
मोहसेन हैदरी ने मोजतबा खामेनेई को “अंधेरे का आदमी” बताया। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च नेता बनने से पहले मोजतबा ने ईरान में कोई औपचारिक राजनीतिक पद नहीं संभाला था। हालांकि, वह अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई के सलाहकार के तौर पर काम कर चुके हैं।
मोजतबा खामेनेई की चोटों, स्वास्थ्य और ठिकाने को लेकर अलग-अलग दावे सामने आते रहे हैं। अस्पताल के मलबे से निकाले जाने का यह दावा भी मोहसेन हैदरी के बयान पर आधारित है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।