Eye Flu Cases rising: देशभर में संक्रामक आई फ्लू का तांडव, डॉक्टर्स से जानें Symptoms और जरूरी सावधानी

By दिव्यांशी भदौरिया | Jul 28, 2026

इस समय मानसून का सीजन चल रहा है। बरसात गर्मी से राहत प्रदान करती है, लेकिन इन दिनों कई तरह की बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। मानसून के समय मच्छरों का आंतक चर्म पर होता है, जिससे होने वाली बीमरी जैसे डेंगू-मलेरिया का जोखिम बढ़ जाता है। 

इतना ही नहीं, कई तरह के अन्य संक्रामक रोगों का खतरा भी देखने को मिलता है। दरअसल, कंजंक्टिवाइटिस यानी के आई फ्लू की समस्या भी बरसात में काफी देखने को मिलती है। नमी से भरा वातावरण, वायरस, और बैक्टीरिया सबसे ज्यादा एक्टिव रहते हैं।

 खासतौर पर कंजंक्टिवाइटिस आंख की बाहरी पारदर्शी झिल्ली में होने वाली सूजन की समस्या है। जिसके कारण आंखें लाल हो जाती हैं और उनमें जलन, खुजली, पानी आने और चिपचिपा पदार्थ निकलने जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। वैसे यह कंजंक्टिवाइटिस एक संक्रामक बीमारी है, जो सिर्फ एक से दूसरे व्यक्ति में होने का खतरा भी अधिक बढ़ाती है। आइए आपको बताते हैं कैसे इसका बचाव किया जाता है। 

कंजंक्टिवाइटिस के मामले

हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, लोग अक्सर आंख लाल होने पर डॉक्टर के पास नहीं जाते, बल्कि मेडिकल स्टोर से स्टेरॉयड आई ड्रॉप्स लेकर आते हैं, जिससे बार-बार नकुसान होने लगता है। इसलिए आई फ्लू का खतरा अधिक बढ़ जाता है। वायरल और बैक्टीरियल कंजंक्टिवाइटिस संक्रमित आंखों से निकलने वाला पदार्थ, तौलिया, रूमाल या दूषित हाथों के संपर्क से फैल सकता है। ऐसे में आंखों का ध्यान रखना जरुरी है।

- ऑफिस, स्कूल और पब्लिक परिवहन जैसी जगहों पर संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से संक्रमण तेजी से फैलती है।

 - अगर आप गंदे हाथों से आंखें छूते हैं, दूषित तौलिया का इस्तेमाल करना और साफ-सफाई का ध्यान न रखना भी संक्रमण का खतरा बढ़ा देता है।

कैसे करें इस समस्या की पहचान? 

- कंजंक्टिवाइटिस होने से आंखें लाल हो जाती हैं और लगातार पानी आता है। संक्रमण के कारण जलन और खुजली भी महसूस होती है।

 - ऐसे में कुछ लोगों को आंखों की सफेद, पीला स्राव भी निकलता है, जो कि सुबह उठने पर पलकें पर चिपक जाता है।

 - आंखों की समस्या के कारण तेज रोशनी में परेशानी होती है और आंखों में हल्की सूजन बनीं रहती है।

डॉक्टर क्या कहते हैं?

- हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, आई फ्लू के दौरान आंखों को रगड़ें न, ऐसा करने से संक्रमण बढ़ जाता है।

 - किसी और का तौलिया, तकिया, रूमाल या मेकअप का सामान इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

 - कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वालों को संक्रमण ठीक होने तक लेंस का प्रयोग करना बंद कर दें।

 - डॉक्टर के सलाह के बिना किसी भी तरह की आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल न करें। क्योंकि इससे कुछ संक्रमण गंभीर हो सकते हैं।

- घर पर पुराने रखें हुए आई ड्रॉप्स का यूज न करें।

आंखों के संक्रमण से कैसे करें बचाव?

- आंखों बार-बार बिना जरुरत के हाथ न लगाएं। अपनी तौलिया, रुमाल, तकिया और कॉस्मेटिक उत्पाद किसी के साथ शेयर न करें।

 - कॉन्टैक्ट लेंस की साफ-सफाई करते रहे हैं।

 - अगर आपके आसपास किसी को आई फ्लू है, तो निकट संपर्क से बचें।

 - अगर आंखों में तेज दर्द, रोशनी से ज्यादा परेशानी हो रही है, तो आंखों से बहुत अधिक गाढ़ा पदार्थ निकाल रहा है, तो तुरंत ही नेत्र रोग डॉक्टर को दिखाएं।

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