By रेनू तिवारी | Jul 20, 2026
संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है, जिसके भारी हंगामेदार रहने के पूरे आसार हैं। सत्र की शुरुआत से ठीक एक दिन पहले रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक और लोकसभा की कार्य मंत्रणा समिति (BAC) की बैठक में ही सरकार और विपक्ष के बीच तीखे मतभेद खुलकर सामने आ गए। जहां विपक्ष ने नीट (NEET) पेपर लीक, अयोध्या राम मंदिर चंदा घोटाला और मणिपुर हिंसा जैसे ज्वलंत मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है, वहीं सरकार ने विधायी कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए सहयोग की अपील की है। यह सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलने की संभावना है।
विपक्ष ने तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों के समूह को बैठक में आमंत्रित किए जाने पर आपत्ति जताई। कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कहा कि विपक्ष ने राम मंदिर ‘‘चंदा चोरी’’, एथनॉल, छात्रों से जुड़े मुद्दों और मणिपुर की स्थिति पर चर्चा की मांग की है। समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद धर्मेंद्र यादव ने प्रश्नपत्र लीक, निर्वाचन आयोग की कथित एकपक्षीय कार्यवाही और सरकारी सेवाओं में पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) वर्ग की कथित उपेक्षा का मुद्दा उठाया।
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के सांसद तिरुची शिवा ने महिला आरक्षण और परिसीमन पर सरकार से स्पष्ट फार्मूला सामने रखने की मांग की। सर्वदलीय बैठक के बाद रविवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में बीएसी की बैठक हुई। बिरला ने सभी दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू और व्यवस्थित ढंग से चलाने में पूरा सहयोग देने की अपील की, ताकि जनहित से जुड़े मुद्दों पर व्यापक और सार्थक चर्चा हो सके।
उन्होंने रचनात्मक विचार-विमर्श, सार्थक भागीदारी और संसदीय परंपराओं के उच्चतम मानकों के पालन पर जोर दिया। इस बीच, विपक्षी दलों के प्रमुख नेता सोमवार सुबह 10 बजे बैठक कर दोनों सदनों के लिए अपनी रणनीति तय करेंगे। सूत्रों के अनुसार, यह बैठक राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के संसद भवन स्थित कक्ष में होगी। इसमें विभिन्न विपक्षी दलों के सदनों के नेता शामिल होंगे।
इस सत्र के दौरान राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक तथा आयकर (संशोधन) विधेयक समेत कई विधेयक पेश किए जाने हैं। मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलने की संभावना है।