By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 18, 2026
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में गंभीर ढांचागत विफलता और हादसों को लेकर दो राजमार्ग निर्माण कंपनियों के खिलाफ हाल ही में जोड़े गए ‘विनाशकारी विफलता’ से जुड़े कड़े प्रावधान को लागू किया है। इस नए नियम के तहत राजमार्ग का स्वामित्व रखने वाली एजेंसियां संबंधित निर्माण कंपनियों को दो साल तक नई परियोजनाओं की निविदा प्रक्रिया में भाग लेने से प्रतिबंधित कर सकती हैं। इसके अलावा ऐसी कंपनियों को नकारात्मक रेटिंग का भी सामना करना पड़ता है, जिससे उन्हें भविष्य में सरकारी परियोजनाएं मिलने की संभावनाओं पर प्रतिकूल असर पड़ता है।
दूसरे मामले में उत्तर प्रदेश में इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण (ईपीसी) मॉडल के तहत नवलपुर के पास एनएच-727बी के लगभग 45 किलोमीटर हिस्से को पक्की पट्टी के साथ दो/चार लेन में चौड़ा और सुदृढ़ करने की परियोजना शामिल है। इसके लिए ईपीसी कार्य वीआरसी कंस्ट्रक्शंस (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड तथा आर एंड सी इन्फ्रा इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड के संयुक्त उद्यम को 613 करोड़ रुपये के अनुबंध मूल्य पर सौंपा गया था। टेक्नोक्रेट्स एडवाइजरी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को परियोजना के लिए अथॉरिटी इंजीनियर नियुक्त किया गया था।
मंत्रालय के आदेश में कहा गया, ‘‘25 मार्च, 2026 को सुबह करीब 10:15 बजे घाघरा नदी पर बन रहे बड़े पुल के वायाडक्ट हिस्से के निर्माण कार्य के दौरान एक बड़ा हादसा हुआ।’’ इस दौरान दो श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया।