By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 27, 2019
नयी दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय ने कांग्रेस प्रवर्तित एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को पंचकूला में भूमि आवंटन में कथित अनियमितता के मामले में सोमवार को अपना पहला आरोप पत्र दायर किया और इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को नामजद किया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने कहा कि चंडीगढ़ के नजदीक पंचकूला स्थित एक विशेष पीएमएलए अदालत में एक अभियोजन शिकायत दायर की। एजेंसी ने मामले में दायर अपने पहले आरोप पत्र में वोरा, हुड्डा और एजेएल को नामजद किया है और आरोप लगाया है कि वे अपराध से हासिल धन की प्राप्ति और उसे रखने आदि प्रक्रिया और गतिविधियों में सीधे तौर पर शामिल थे। वोरा राज्यसभा सदस्य के साथ ही कांग्रेस पार्टी के महासचिव भी हैं।
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एजेंसी ने आरोप लगाया कि हुड्डा ने एजेएल को प्लॉट का आवंटन ‘‘अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग करते हुए किया।’’ उसने आरोप लगाया कि हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ने उक्त भूखंड को बेईमानी से मूल दरों पर ब्याज के साथ एजेएल को पुन: आवंटन की आड़ में आवंटित किया और ऐसा हुडा (हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण) की ओर से रखी गई आवश्यक शर्तों और नीति का उल्लंघन करके किया गया। प्रवर्तन निदेशालय ने मामले में सीबीआई की प्राथमिकी और हरियाणा सतर्कता ब्यूरो द्वारा दर्ज आपराधिक प्राथमिकियों के आधार पर 2016 में धनशोधन की एक आपराधिक शिकायत दर्ज की थी। सीबीआई ने मामले की जांच हरियाणा की भाजपा सरकार के अनुरोध पर अपने हाथ में ली थी। सीबीआई ने हुड्डा और अन्य के खिलाफ मामले में पहले ही आरोपपत्र दायर कर दिया है। प्लाट का आवंटन एजेएल को पहली बार 1982 में किया गया था। प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि यद्यपि आवंटन को हुडा के इस्टेट अधिकारी द्वारा अक्टूबर 1992 में एक आदेश द्वारा रद्द कर दिया गया था क्योंकि एजेएल आवंटन पत्र की शर्तों का अनुपालन नहीं करता था। एजेंसी ने मामले में दोनों कांग्रेस नेताओं से गत वर्ष पूछताछ की थी।