By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 20, 2026
(शिरीष बी. प्रधान) काठमांडू, 20 सितंबर दुनिया की आठवीं सबसे ऊंची चोटी माउंट मनास्लु के कैंप-3 में हिमस्खलन की चपेट में आने से भारतीय मूल के एक जर्मन पर्वतारोही और उसके नेपाली शेरपा गाइड की मौत हो गई। एक कंपनी के अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। इस अभियान का आयोजन करने वाली मकालू एडवेंचर के प्रबंध निदेशक मोहन लम्सल ने बताया कि ध्रुव ज्योति गुहा और फुरसेम्बा शेरपा खराब मौसम के बावजूद कैंप 2 से ऊपर के कैंप की ओर बढ़े थे और शनिवार रात हिमस्खलन की चपेट में आ गए।
लम्सल ने बताया कि कंपनी के छह अन्य पर्वतारोही, जिन्होंने कैंप-2 से वापस लौटने का फैसला किया था, सुरक्षित हैं, लेकिन खराब मौसम के बावजूद जल्दबाजी में आगे बढ़ने वाले दोनों पर्वतारोही हादसे का शिकार हो गए। लम्सल के अनुसार, दोनों पर्वतारोहियों का अभियान के आयोजकों से संपर्क टूटने के बाद बचाव दल को कैंप-3 भेजा गया। उन्होंने बताया कि उनसे आखिरी बार शनिवार रात संपर्क हुआ था।
उन्होंने कहा कि शवों को बेस कैंप तक लाने के प्रयास जारी हैं, जहां से मौसम अनुकूल रहने पर सोमवार को उन्हें काठमांडू ले जाने का अनुमान है। इन मौतों के साथ इस पर्वतारोहण सत्र में माउंट मनास्लु पर जान गंवाने वालों की संख्या चार हो गई है। अभियान आयोजक के अनुसार, इससे पहले सिंगापुर के एक पर्वतारोही और एक नेपाली गाइड की पर्वत पर अलग-अलग घटनाओं में मौत हो चुकी है।