By दिव्यांशी भदौरिया | Aug 20, 2026
अक्सर डेंटिस्ट ब्रशिंग और फ्लॉसिंग के साथ माउथवॉश को नियमित तौर पर रोजाना रुटीन में शामिल करने की सलाह जरुर देते हैं। हालांकि, इसके ज्यादा या फिर केमिकल से भरपूर माउथवॉश के इस्तेमाल से ड्राई माउथ वॉश या फिर टिशूज के सेंसिटिव हो जाने की समस्या हो सकती हैं। आइए आपको बताते हैं माउथवॉश से संबंधित ऐसे 7 फैक्ट्स जिनके बारे में आपको पता नहीं होना चाहिए। यह आपको बेहतर रिजल्ट पाने में मदद करता है।
डेंटिस्ट हमेशा ब्रशिंग और फ्लॉसिंग के साथ ही डेली माउथवॉश करने को कहते हैं। हालांकि एक्सपर्ट का मानना है कि ब्रश और फ्लॉस मुंह के हर कोने में नहीं पहुंच सकते हैं। बल्कि माउथवॉश आपकी इस मुश्किल को मिनटों में दूर कर देगा। लेकिन कुछ डेंटिस्ट इसके इस्तेमाल को लेकर ज्यादा अहमियत नहीं देते हैं।
ब्रशिंग को रिप्लेस नहीं करता
वैसे यह आपके मुंह के हाइजीन को मेंटेन रखता है, लेकिन यह ब्रशिंग का ऑप्शन नहीं है। माउथवॉश से कुल्ला भर कर लेना कीटाणुओं और प्लाक को हटाने के लिए काफी नहीं। इसी बात को लेकर लोग कंफ्यूज रहते हैं और माउथवॉश को ही कम्प्लीट केयर मान लेते हैं।
सेंसेशन का मतलब असरदार होना नहीं
यदि आप माउथवॉश इस्तेमाल करते हैं, तो मुंह के अंदर जलन जरुरी होती है, इसका मतलब यह नहीं है कि वह अपना काम बेहतर कर रहा है। माउथवॉश से होने वाली जलन अल्कोहल या उसमें एड किए गए फ्लेवर की वजह हो सकती है।
गुड बैक्टीरिया भी मर जाते हैं
कई माउथवॉश में एंटीमाइक्रोबायल एजेंट होते हैं, जो बैक्टीरिया को मारते हैं, लेकिन यह गुड या बैड बैक्टीरिया के बीच अंतर नहीं कर पाता है। वहीं गुड बैक्टीरिया आपके मुंह की सेहत के लिए जरुरी माने जाते हैं।
खरीदने से पहले लेवल पढ़े
जब आप माउथवॉश खरीदें तो एक बार लेवल जरुर चेक करें कि उसमें अल्कोहल और सोडियम लॉरेल सल्फेट या एसएलसी तो नहीं है। अधिकतर माउथ वॉश केयर प्रोडक्ट्स में ये दो तत्व जरुर शामिल होते हैं। वहीं, ऐसा माउथवाश देखें , जिसका अल्कलाइन पीएच हो और यह जितना ज्यादा होगा, मुंह की सेहत के लिए उतना ही बेहतर है।
ब्लडप्रेशर पर असर
असल में मुंह के कुछ ऐसे बैक्टीरिया होते हैं, जो भोजन से मिलने वाले नाइट्रेट्स को नाइट्रिक ऑक्साइड में बदल देते हैं। यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करता है। वहीं, लगातार ब्रॉड स्पेक्ट्रम वाले एंटीमाइक्रोबायल माउथवॉश इस्तेमाल करने से यह संतुलन बिगड़ सकता है। लेकिन, इस असंतुलन को सीधे माउथवॉश के इस्तेमाल से जोड़कर नहीं देखा जा सकता है, अभी इस दिशा में रिसर्च चल रही है।
समस्याएं सिर्फ छुपती हैं हटती नहीं
अगर सांसों से बदबू आ रही है, तो मसूड़ों से जुड़ी बीमारी होने का संकेत हो सकता है और माउथवॉश करने से पहले कुछ समय के लिए यह समस्या छिप जाएगी लेकिन जड़ से खत्म नहीं होती है। ऐसा होने पर माउथवॉश इस्तेमाल करने के बजाय सबसे पहले डेंटिस्ट को जरुर दिखाएं।